23 शहीदों के बलिदान की हो रही उपेक्षा
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केराकत जौनपुर। देश के कई स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों को हमने सम्मान
पूर्वक देश के उच्च सम्मान से नवाजा पर जौनपुर जिले के सेनापुर ग्राम के 23
शहीदों को उचित सम्मान ना मिलने से ग्रामवासियों में काफी रोष व्याप्त है।
केराकत तहसील क्षेत्र के सेनापुर ग्राम में अंग्रेजों के शासन काल में 23
शहीदों को फांसी पर लटका गोलियों से भून दिया गया था और उन क्रांतिकारियों
के सम्मान में प्रशासन ने टूटी फूटी स्मारक का निर्माण करा उन शहीदों के
बलिदान का मजाक उड़ाया।जिससे व्यथित होकर गांव के ही विनोद कुमार ने इस
प्रकरण को लेकर अजीत सिंह जो हमेशा से ही शहीदों के सम्मान में अपना
स्मरणीय योगदान देते रहे हैं उनके साथ दिल्ली मे पीएम ऑफिस पहुंच पूरे
प्रकरण की लिखित में जानकारी दी। और साथ ही उन्होंने अपनी ज्ञापन के माध्यम
से प्रधानमंत्री जी को अवगत कराएं की अगर 26 जनवरी तक शहीद स्मारक का
संपूर्ण विकास और कम से कम 100 फुट ऊंचा तिरंगा झंडा नहीं लगाया गया तो
समस्त ग्रामवासी आने वाले 2019 लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने को मजबूर
होंगे अब देखना यह है कि उन 23 शहीदों के बलिदान का सम्मान हमारी सरकार
किस तरह करती है।
पूर्व में विनोद कुमार ने जिलाधिकारी जौनपुर, स्थानीय विधायक,
कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, ओमप्रकाश राजभर, माननीय मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश, राज्यपाल महोदय जी उत्तर प्रदेश, मानवाधिकार आयोग व राज्य
मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव को इस बाबत जानकारी दी पर अभी तक कोई भी
कार्यवाही नहीं की गई।
पीएम कार्यालय पर शहीदों के सम्मान के एवज में 100 फुट ऊंचा तिरंगा लगाने के लिए भी विनोद कुमार द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया।

