जान खतरे में डाल रही ओवरएज गाड़ियां
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जौनपुर। जिले में ओवरएज और खटारा सवारी गाड़ियां यात्रियों की जान खतरे में डाल बेरोक टोक चल रही हैं। यातायात माह में भी इन पर न तो परिवहन विभाग ने और न ही यातायात पुलिस ने कोई कार्रवाई की। यह वाहन जिले के विभिन्न मार्गों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। जौनपुर से मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, मड़ियाहूं, बदलापुर, केराकत व शाहगंज मार्ग पर बड़ी संख्या में इन्हें सवारी ढोते देखा जा सकता है। संबंधित विभाग सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं। जिले के विभिन्न मार्गों पर तमाम ऐसी टैक्सियां चल रहीं हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन तक खत्म हो चुका है। इन टैक्सियों में अधिकतर जीप और कमांडर जीप हैं। इन्हें मनमाने तरीके से परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के संरक्षण में चलाया जा रहा है। इनमें कुछ सवारी गाड़ियां ऐसी भी हैं जिनका फिटनेस ठीक है, मगर इंश्योरेंस नहीं है। नवंबर माह को पुलिस विभाग ने यातायात माह के रूप में मनाया। घूम-घूम कर पब्लिक को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया, मगर खुद जागरूक नहीं हुए। उनके सामने ही ओवरएज और खटारा गाड़ियां यात्रियों की जान जोखिम में डाल संचालित हो रहीं हैं। नगर के किसी भी पड़ाव अडडे पर देखने पर एक दो नहीं दर्जनों ओवरएज वाहन खड़ा मिलेंगे। एआरटीओ कहते हैं कि गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 15 साल के लिए होता है। इसके बाद इनका री-रजिस्ट्रेशन पांच साल के लिए कराया जाता है। वहीं इंश्योरेंस हर साल कराना पड़ता है। जिन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन समाप्त हो जाता है और वह सड़क पर चलती मिलती हैं, उनपर कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज कर दिया जाता है।

