नहीं किये जा रहे सर्दी से बचाव के इन्तजाम
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जौनपुर। सर्दी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। दिसंबर के पहले सप्ताह में जहां मौसम सामान्य था, वहीं दूसरे सप्ताह में सर्दी के साथ गलन भी बढ़ने लगी है। बचाव के इंतजाम नहीं होने की वजह से लोग ठिठुर रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया गया। गुरूवार को हलकी धूप निकली, तब राहत मिली, लेकिन शाम होते ही गलन फिर से बढ़ गई। बाजारा में सन्नाटा ही देखने को मिला। पिछले सप्ताह में शुक्रवार की सुबह से ही मौसम ने ऐसी करवट ली कि लोग सर्दी से सिहर उठे। सर्द हवाओं के साथ शीत लहर ने जब दस्तक दी तो लोगों की दिनचर्या ही बदल गई। सर्द लहर को देखते हुए स्कूलों का टाइम भी बदल दिया गया। स्कूलों में सुबह आठ बजे के बजाए दस बजे का वक्त निर्धारित कर दिया गया। न रैन बसेरा, न ही जले अलाव दिसंबर का महीना आधा बीत चुका है। हर साल दिसंबर आते ही शहर में पालिका प्रशासन की ओर से अलाव लगवाए जाते थे तो अस्थाई रैन बसेरा भी बनवा दिए जाते थे। राहगीर और मुसाफिर सर्दी से बच सकें, लेकिन इस साल पालिका प्रशासन ने किसी की भी सुध नहीं ली है। ज्ञात हो कि उत्तराखंड में बर्फबारी होने से इसका असर यहां भी देखने को मिल रहा है। मौसम का मिजाज बिगड़ने के साथ ही ठिठुरन बढ़ गई है। आसमान साफ लेकिन धूप हल्की रही, । ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल गए। हालांकि दोपहर में धूप खिलने से राहत मिली। कुछ घंटे धूप खिली रही, लेकिन बाद में फिर बादल छा गए और गलन शुरू हो गई। ठंड का प्रकोप बढ़ने से गर्म कपड़ों के साथ हीटर, कोयला और अंगीठी की बिक्री बढ़ गई है। मौसम के जानकारों के मुताबिक सर्दी का प्रकोप अभी कम नहीं होगा। न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है। हालांकि दिन में मौसम साफ रहने की संभावना जताई जा रही है।

