दस घंटे के जाम से मुसाफिर कराह उठे
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जौनपुर। वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर दस घंटे के जाम से मुसाफिर कराह उठे।
कैंट डिपो की एक बस सोमवार रात दो बजे जलालपुर के बयालसी इंटर कालेज पास
खराब हो गई। बस खराब होने से दोनों ओर ट्रकों की लंबी कतारें लग गई। सुबह
होते-होते स्थिति और खराब हो गई और रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। इतना
सबकुछ होने के बाद भी अधिकारियों की आंख नहीं खुली। लापरवाही का अंदाजा इसी
बात से लगाया जा सकता है कि मैकेनिक मंगलवार को दस घंटे बाद पहुंचा।
बस जौनपुर से वाराणसी जा रही थी। पहिया जाम होने की वजह से बस एकाएक रुक गई। थोड़े ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस भी कुछ नहीं कर सकी। बताया यह भी जा रहा है कि वाराणसी में इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई थी, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मैकेनिक मंगलावार दोपहर 12 बजे पहुंचा। बस ठीक होने के बाद भी यातायात को व्यवस्थित करने में घंटों लग गए। उधर, जाम में फंसे यात्री भीषण गर्मी व भूख-प्यास से तड़प उठे। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गोँ व छोटे बच्चों को हुई। चौतरफा जाम की वजह से घंटों सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ वाहनों को थानागद्दी और मड़ियाहूं के रास्ते डायवर्ट करने के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। मायावती व अखिलेश यादव के चुनावी सभा की वजह से भी सड़क अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक गाड़ियां रहीं।
बस जौनपुर से वाराणसी जा रही थी। पहिया जाम होने की वजह से बस एकाएक रुक गई। थोड़े ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस भी कुछ नहीं कर सकी। बताया यह भी जा रहा है कि वाराणसी में इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई थी, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मैकेनिक मंगलावार दोपहर 12 बजे पहुंचा। बस ठीक होने के बाद भी यातायात को व्यवस्थित करने में घंटों लग गए। उधर, जाम में फंसे यात्री भीषण गर्मी व भूख-प्यास से तड़प उठे। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गोँ व छोटे बच्चों को हुई। चौतरफा जाम की वजह से घंटों सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ वाहनों को थानागद्दी और मड़ियाहूं के रास्ते डायवर्ट करने के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। मायावती व अखिलेश यादव के चुनावी सभा की वजह से भी सड़क अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक गाड़ियां रहीं।
