98 लाख रुपये की लागत बनी सड़क पानी में बह गई
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जौनपुर। सरकारी धन का दुरुपयोग किस कदर होता है, इसका जीता जागता
उदाहरण क्षेत्र के बहरा गांव में देखने को मिल जाएगा। चार माह पूर्व बनी
सड़क पहली बरसात ही नहीं झेल सकी और नाले के पास बह गई। जगह-जगह सड़क बैठ भी
गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण मानक के अनुसार न होने से ऐसा हुआ
है।
निर्माणाधीन फोरलेन बहरा गांव से प्राथमिक विद्यालय खमपुर तक लगभग तीन किमी सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा लगभग 98 लाख रुपये की लागत से चार माह पूर्व कराया गया था। उसी समय ग्रामीणों ने मानक के अनुरूप निर्माण न कराए जाने का आरोप लगाकर काम रोक दिया था। इसके बाद कुछ हद तक काम ठीक हुआ। इतना ही नहीं विश्वकर्मा बस्ती के पास दो सौ मीटर निर्माण आज तक पूरा नहीं किया गया। परिणामस्वरूप उक्त सड़क पखवारे भर पहले हुई भारी बारिश के चलते नाले के पास कट गई। आवागमन ठप हो गया है। जबकि ग्रामीणों ने उसी समय नीचे पीपा डालने या पुलिया निर्माण की मांग की थी। गांव के प्रधान ओम प्रकाश, रामकृष्ण उपाध्याय, अशोक उपाध्याय, राजकुमार मौर्य, राकेश मौर्य, बाबा दूबे ने बताया कि सड़क के निर्माण में मानक की अनदेखी की गई है। जिसका परिणाम आज सामने है। उसी समय पुलिया निर्माण या पीपा डाल दिया गया होता तो सड़क नहीं बहती।
निर्माणाधीन फोरलेन बहरा गांव से प्राथमिक विद्यालय खमपुर तक लगभग तीन किमी सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा लगभग 98 लाख रुपये की लागत से चार माह पूर्व कराया गया था। उसी समय ग्रामीणों ने मानक के अनुरूप निर्माण न कराए जाने का आरोप लगाकर काम रोक दिया था। इसके बाद कुछ हद तक काम ठीक हुआ। इतना ही नहीं विश्वकर्मा बस्ती के पास दो सौ मीटर निर्माण आज तक पूरा नहीं किया गया। परिणामस्वरूप उक्त सड़क पखवारे भर पहले हुई भारी बारिश के चलते नाले के पास कट गई। आवागमन ठप हो गया है। जबकि ग्रामीणों ने उसी समय नीचे पीपा डालने या पुलिया निर्माण की मांग की थी। गांव के प्रधान ओम प्रकाश, रामकृष्ण उपाध्याय, अशोक उपाध्याय, राजकुमार मौर्य, राकेश मौर्य, बाबा दूबे ने बताया कि सड़क के निर्माण में मानक की अनदेखी की गई है। जिसका परिणाम आज सामने है। उसी समय पुलिया निर्माण या पीपा डाल दिया गया होता तो सड़क नहीं बहती।

