जानकारी के अभाव में सर्पदंश के रोगियों की ज्यादा हो रहीं मौतेंः सीएमओ
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जौनपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रामजी पाण्डेय ने बताया कि वर्षा ऋतु
में बरसात होने के उपरांत संचारी रोग के प्रसार की संभावना बढ़ जाती है।
संचारी रोग के साथ सर्पदंश की सूचनाएं प्राप्त होती हैं। सर्पदंश के
रोगियों के उपचार में जानकारी के अभाव के कारण मृत्यु होने की संभावना होती
है। सर्पदंश की घटना होने पर जनपदवासियों से अपील है कि वह सर्वप्रथम
नजदीकी राजकीय चिकित्सालय जाकर उपचार करवायें। सर्पदंश के इलाज हेतु
एण्टीसेनेक वेनम जनपद के समस्त राजकीय चिकित्सालय में पर्याप्त मात्रा में
उपलब्ध हैं। बहुदा ऐसा प्रकाश में आता है कि नजदीकी चिकित्सालय में सम्पर्क
न कर मरीज अन्य जगहों पर भटकते हैं जिसके कारण विलम्ब होता है। ऐसे में
रोगी की मृत्यु होने की संभावना बढ़ जाती है। सर्पदंश के रोगियों के उपचार
हेतु सबसे ज्यादा आवश्यक है कि यथासंभव शीघ्र उपचार प्रारम्भ किया जाय।
जनपद के समस्त अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया
है कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य
केन्द्र एवं प्रभारी स्वास्थ्य केन्द्र पर यदि सर्पदंश के रोगी आते हैं तो
प्राथमिकता पर उनका इलाज/प्रबंधन किया जाय। यदि किसी प्रकार की जटिलता
प्रतीत हो तभी रोगी को जनपद चिकित्सालय अथवा उच्च चिकित्सकीय केन्द्र
संदर्भित किया जाय। उन्होंने जनपदवासियों से अपील किया कि इस प्रकार के
रोगियों को चिकित्सालय ले जाते समय यह ध्यान रखें कि जिस अंग में सर्पदंश
हो, उसको कम से कम हिलाया-डुलाया जाय। ज्यादा हिलाने-डुलाने से विष शरीर के
अन्य भाग में रक्त के साथ फैल सकता है। संचारी रोग को ध्यान में रखते हुये
उन्होंने जनपदवासियों से यह भी अपील किया कि इण्डिया मार्का हैम्डपम्प का
पानी पीने के लिये इस्तेमाल करें। पानी के पीने में नियमित क्लोरीन टिकिया
का इस्तेमाल करें। क्लोरीन टीकिया सभी आशा/एएनएम के पास पर्याप्त मात्रा
में उपलब्ध हैं। 20 लीटर पीने के पानी में एक क्लोरीन टीकिया घोलने के
उपरांत पानी को पीने के लिये प्रयोग करें।

