विरासत में मिले अधिकार को बचाये रखना हमारी जिम्मेदारीः राजन तिवारी
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जौनपुर। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद की स्मृति में मंगलवार को उनके जन्मदिवस को अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाया गया। स्थानीय दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता राजन तिवारी के सिविल लाइंस के पास स्थित निजी आवास पर आयोजित गोष्ठी में श्री तिवारी ने कहा कि विरासत में अपने पूर्वजों से जो न्याय व स्वतंत्रता का अधिकार मिला है, उसे अक्षुण्य बनाये रखना है। श्री तिवारी ने आगे कहा कि डा. प्रसाद बहुत सरल व सादगी के प्रतिमूर्ति थे। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। आजादी के पहले अधिवक्ताओं की कई श्रेणी थी जिसे 1961 में अधिनियम लाकर सभी को एडवोकेट बना दिया गया। अधिवक्ता समाज के लिये गौरव की बात है कि देश का प्रथम राष्ट्रपति अधिवक्ता समाज का रहा। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट बार के वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर पाठक ने कहा कि डा. राजेन्द्र प्रसाद भारतीय लोकतंत्र के नायक थे जिन्होंने देश की आजादी से लेकर भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। इस अवसर पर रामा शंकर पाठक, यादवेन्द्र नाथ मिश्रा, लालमणि यादव, ओम प्रकाश दुबे, अरूण पाण्डेय, भोला नाथ चौबे, मनोज मिश्रा सहित तमाम अधिवक्ता उपस्थित रहे।

