शिक्षक देश की दिशा और दशा बदलने में सक्षम होता है
https://www.shirazehind.com/2020/05/blog-post_208.html
जौनपुर । एडुलीडर्स उत्तर प्रदेश के अंर्तगत संचालित 10 दिवसीय वेबिनार के चौथे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. समर बहादुर सिंह ( विभागाध्यक्ष ) तिलकधारी सिंह महाविद्यालय जौनपुर के उद्बोधन से आरम्भ हुआ । डॉ. समर बहादुर सिंह सर ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक से योग्य व्यक्ति और शिक्षण से अधिक जिम्मेदारी का कार्य कोई नही। समर बहादुर ने हमारे प्राचीन धर्मग्रन्थों से उद्घृत बाते की जिससे शिक्षकों का तथा राष्ट्र का उन्नययन हो ,उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है जो देश की दिशा और दशा बदलने में सक्षम होता है । उन्होंने कहा कि इस विपरीत परिस्थितयों में जिस तरह आप लोग अपने को अपडेट रखने हेतु कार्य कर रहे हैं यह निःसन्देह अनुकरणीय एवम सरहानीय है । अपने उद्बोधन में उन्होंने बेसिक शिक्षा के मुखिया आदरणीय सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह तथा राष्ट्रीय पुरष्कार से सम्मानित शिक्षक आदरणीय डॉ. सर्वेष्ट मिश्रा सर के प्रति आभार प्रकट किया तथा आज के इस वैश्विक महामारी से लड़ने तथा उससे सजग एवम सचेष्ट रहने की भी सलाह दी ।
इस वेबिनार में आज की एक्सपर्ट उन्नाव से आदरणीया स्नेहिल पांडेय जी ने कक्षा अवलोकन के महत्व व उसके परिणामों पर चर्चा की। स्नेहिल पांडेय जी ने अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए बताया कि एक बच्चे के अवलोकन के समय शिक्षक उस बच्चे के परिवेश, शैक्षिक गतिविधि, पारिवारिक पृष्ठभूमि व अन्य कई घटकों पर ध्यान देता है। परन्तु छात्र केवल अपने शिक्षक का अवलोकन करता है अतः हमारा भी व्यवहार और आचरण बच्चे के स्वभाव में परिवर्तन लाने में सहायक होता है। शिक्षकों ने प्रश्न काल मे अपने कई प्रश्नों के जवाब पाए जिससे सभी बेहद संतुष्ट हुए।
इस वेबिनार में आज की एक्सपर्ट उन्नाव से आदरणीया स्नेहिल पांडेय जी ने कक्षा अवलोकन के महत्व व उसके परिणामों पर चर्चा की। स्नेहिल पांडेय जी ने अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए बताया कि एक बच्चे के अवलोकन के समय शिक्षक उस बच्चे के परिवेश, शैक्षिक गतिविधि, पारिवारिक पृष्ठभूमि व अन्य कई घटकों पर ध्यान देता है। परन्तु छात्र केवल अपने शिक्षक का अवलोकन करता है अतः हमारा भी व्यवहार और आचरण बच्चे के स्वभाव में परिवर्तन लाने में सहायक होता है। शिक्षकों ने प्रश्न काल मे अपने कई प्रश्नों के जवाब पाए जिससे सभी बेहद संतुष्ट हुए।

