धनंजय सिंह की जमानत पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हाई कोर्ट में हुई सुनवाई
https://www.shirazehind.com/2020/06/blog-post_765.html
जौनपुर। नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल के अपहरण व रंगदारी के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की ओर से अधिवक्ता कार्तिकेय सरन व शिव प्रताप सिंह ने जमानत प्रार्थना पत्र हाईकोर्ट में दाखिल किया।जमानत पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जस्टिस गौतम चौधरी ने दोनों पक्षों को सुना। आरोपी के अधिवक्ता के विशेष रूप से किए गए अनुरोध पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 7 जुलाई 2020 तिथि नियत किया।
बता दें कि प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को 5:30 बजे की घटना दिखाते हुए रात 10:00 बजे लाइन बाजार थाने में धनंजय व विक्रम के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराया था कि विक्रम सिंह दो अन्य लोगों के साथ उनके साइट पर आकर बलपूर्वक उन्हें कालीकुत्ती धनंजय के आवास पर लिवा गए।धनंजय काले रंग की पिस्टल लेकर आए और गालियां दी।जबरन कम गुणवत्ता वाली सामग्री उसकी फर्म को आपूर्ति करना चाहते थे।इनकार करने पर धमकी दिया।सप्लाई न लेने पर फिरौती व कमीशन की मांग की।वादी को ले जाने की सीसीटीवी फुटेज,वादी को आरोपी पक्ष द्वारा किए गए फोन की कॉल डिटेल, धनंजय के आवास पर पहुंचने के बाद वादी द्वारा अपने मैनेजर को मैसेज कर धनंजय के आदमियों द्वारा उनके घर पर ले जाने का स्क्रीनशॉट आदि सबूतों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह की जमानत निरस्त 20 मई को कर दिया था।धनंजय सिंह का कहना है कि गिरीश मंत्री व एसपी ने साजिश कर उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराया।उन्होंने कोरोना महामारी के समय आम जनता को राशन इत्यादि बांटा था।इससे जनता में प्रभाव बढ़ने के कारण दूसरे प्रत्याशी घबरा गए और सरकार व अधिकारियों पर दबाव बनाकर फर्जी एफ आई आर दर्ज कराई गई।

