मौत का हिसाब सरकार को देना ही होगाः अरविंद शुक्ल
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जौनपुर। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविन्द शुक्ल ने कहा कि कोरोना काल में पंचायत चुनाव में शिक्षकों को जबरन धकेला गया था। ऐसे में संक्रमित होकर जान गंवाने वाले शिक्षकों के आत्मा की आवाज सरकार सुने और उनके परिवार वालों के साथ न्याय करे।
उन्होंने रविवार को वर्चुअल बैठक करते हुए शिक्षकों को बताया की प्रदेश सरकार संवेदना के साथ शिक्षकों के हितो को ध्यान में रखते हुए मृतक शिक्षक साथियो के स्वजनों को तत्काल प्रभाव से राहत पहुचाए यही हमारी मांग है।
कोरोना संकट के समय जब मानवीय संवेदना दम तोड़ रहे थे। कोरोना के कारण सनातनी मानवीय संबंधो की हत्या हो रही थी तब शिक्षक अपनी जान हथेली पर लेकर फर्ज निभा रहा था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल के लगभग एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी काल कवलित हुए शिक्षको के रोते -बिलखते परिवारों को कोई भी राहत नही मिली । संघ सरकार से मांग करता है कि आंकड़ो के खेल से बाहर आकर मृत शिक्षकों के स्वजनों को एक करोड़ राशि का मुआवजा और उनके पाल्यों को योग्यतानुसार अविलम्ब नौकरी देकर उन शिक्षको के परिवार वालों के साथ न्याय करें ।
वर्चुअल मीटिंग में रविचंद्र यादव, वीरेंद्र प्रताप सिंह, लालसाहब यादव, लक्ष्मीकांत सिंह,रामदुलार यादव, प्रमोद दुबे, उषा सिंह,आनंद सिंह, पद्माकर राय, सुनील यादव, संजीव सिंह, हाशिम आदि ने हिस्सा लिया।

