नई शिक्षा नीति 2020 छात्र- छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी : अब्दुल कादिर

 जौनपुर। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर द्वारा आठ दिवसीय थीम बेस्ड वेबीनार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है इसी क्रम में शुक्रवार को मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज द्वारा क्वालिटी एजुकेशन एक्रीडिटेशन एंड टीचर डेवलपमेंट शीर्षक पर वेबीनार का आयोजन किया गया,  मुख्य वक्ता डॉ. दुर्गेश त्रिपाठी राष्ट्रीय समन्वयक SWAYAM MOOCs " सोसायटी एंड मीडिया" गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी नई दिल्ली थे। 

 मुख्य वक्ता डॉ दुर्गेश त्रिपाठी ने क्वालिटी एजुकेशन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोरोना महामारी एवं संचार क्रांति ने उच्च शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल की ओर ले जाने का अवसर दिया है, आज समाज खुद भी वर्चुअल स्पेस में बदलने को बाध्य है, ऐसे में शिक्षा में भी क्लास रूम की अवधारणा वर्चुअल ऑनलाइन डिजिटल टेक्नो संवाद के रूप में परिवर्तित करना आवश्यक है। 
भारतीय उच्च शिक्षा 90 के दशक के बाद से ही स्वयं को रूपांतरित करने के काम में लगी है नव उदारवादी अर्थव्यवस्था एवं उसके कारण बन रहे समाज की शिक्षा की जरूरते पूरी करने के लिए यूजीसी ई- पाठशाला, स्मार्ट क्लासरूम ऑडियो, वीडियो और डिजिटल आधारित ओपन शिक्षा के अनेक केंद्र विकसित करने का सतत प्रयास कर रही है। 
 डॉक्टर त्रिपाठी ने कहा की विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सूचना और प्रौद्योगिकी तकनीकी पर आधारित संसाधनों के माध्यम से वर्तमान में ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए' डिजिटल इंडिया',' ई -बस्ता', पढ़े भारत ऑनलाइन', "स्वयं(SWAYAM)", और नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी जैसे अन्य अभियानों की शुरुआत की गई जो कि इस क्षेत्र में प्रभावशाली कदमहै।  इसी क्रम में उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों को योग्य पीएचडी धारक शिक्षक रखना चाहिए तथा समय-समय पर नैक मूल्यांकन करवाना चाहिए।  उच्च शिक्षा का यह नया वर्चुअल रूपांतरण शिक्षा के क्षेत्र को ज्यादा नवाचारी, समाहारी एवं क्षमता विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगा, शिक्षकों के एक बड़े वर्ग को भी डिजिटल माध्यमों के नवाचारी(innovative) मे खुद को दक्ष बनाना होगा, शिक्षण संस्थाओं को भी उच्च शोध के लिए नवाचारी परियोजनाएं विकसित करनी होगी। 
 डॉ.दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों के प्रमोशन के लिए कैरियर एडवांस स्कीम (CAS)के तहत मैसिव ऑनलाइन ओपन कोर्स(MOOCs) आवश्यक हो गया है, इसके द्वारा शिक्षक ऑनलाइन कोर्स एंड डिजिटल कंटेंट विद्यार्थियों को उपलब्ध करा सकते हैं जिसके द्वारा दूरस्थ विद्यार्थी भी लाभान्वित होसकतेहैं। 
 कार्यक्रम का शुभारंभ वेबीनार के नोडल अधिकारी एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर अब्दुल कादिर खान द्वारा स्वागत भाषण से किया गया, उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 छात्र- छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी है, इसके तहत छात्रों में कौशल विकसित होगा, वे अपनी रूचि के अनुसार विषय पढ़ सकेंगे, स्नातक कोर्स को सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं डिग्री में विभाजित कर दिया गया है,प्रोफेशनल कोर्स को बढ़ावा दिया गया है जिससे छात्रों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा I विषय प्रवर्तन एवं कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने किया I डॉ.ममता सिंह ने वेबिनार में शामिल सभी शिक्षकगण, शोधार्थी ,छात्र-- छात्राओं एवं तकनीकी संचालक के प्रति आभार व्यक्त किया l इस वेबिनार में यूजीसी प्रकोष्ठ के डॉ. राजेश शर्मा, प्राध्यापक डॉक्टर कमरूद्दीन शेख, डॉ मयंक सिंह डॉ. डीएन उपाध्याय डॉ. संजय विश्वकर्मा सहित अन्य प्रवक्तागण एवं भारी मात्रा में छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। 

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