अटाला केस में पोषणीयता पर आदेश टला, वादीगण ने कहा वह अब हाइकोर्ट जाएंगे
वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि पोषणीयता पर आदेश 28 मई, 11 जुलाई, 12 जुलाई, 20 अगस्त, 2 सितम्बर, 27 सितम्बर व 5 अक्टूबर से लगातार लंबित है। वादी पक्ष ने 4 सितंबर को विशेष प्रार्थना पत्र देकर माननीय न्यायालय ले प्रार्थना की थी उनकी बहस पूरी हो चुकी है व उन्हें अब किसी भी प्रकार कोई बहस नहीं करनी है कृपया आदेश देने की कृपा करें,लेकिन न्यायालय न तो केस को एडमिट कर रहा है न ही खारिज कर रहा है और न ही विपक्षीगण को नोटिस जारी कर रहा है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय का यह रवैया नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है और वादीपक्ष को हताश करने वाला है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि वह अब न्याय के लिए माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। अटाला माता मंदिर केस माननीय सिविल जज (सी०डि०) श्री अनुज जौहर के न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय ने आदेश की अगली तिथि 10 अक्टूबर नियत की है। आज सुनवाई में आर्य संस्कृति संरक्षण ट्रस्ट के प्रदेश सचिव अनिमेष सिंह, अमर प्रताप गौतम, वरिष्ठ अधिवक्ता बी डी मिश्र, अधिवक्ता विनीत त्रिपाठी, अधिवक्ता सूर्या परमार उपस्थित रहे।

