अपराध की अंधेरी दुनिया से बना 'करोड़पति': मुठभेड़ में मारे गए संतोष राजभर की चौंकाने वाली कहानी
रिपोर्ट: इन्द्रजीत सिंह मौर्य
जौनपुर। अपराध की गलियों से निकलकर करोड़ों की संपत्ति का मालिक बनने वाले कुख्यात अपराधी संतोष राजभर उर्फ राजू की कहानी किसी फिल्मी किरदार से कम नहीं है। कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए संतोष का अंत भले ही पुलिस की गोली से हुआ हो, लेकिन पीछे छोड़ गया है अपराध की कमाई से अर्जित अकूत दौलत और एक परिवार जिसे अब मातम की चादर ने ढंक लिया है।जौनपुर और मुंबई में फैली है संपत्ति
सूत्रों की माने तो पोरईकला (थाना खेतासराय) निवासी संतोष ने अपराध के जरिये जौनपुर और मुंबई में कई करोड़ की संपत्ति खड़ी की। खेतासराय कस्बे के स्टेशन गली में तीन मंजिला इमारत में आठ दुकानें रेंट पर चल रही हैं, जबकि ऊपरी हिस्सा अभी निर्माणाधीन है। स्थानीय लोगों के अनुसार, संतोष खुद इस निर्माण की निगरानी करता था और सफारी स्ट्रॉन्ग व अर्टिगा जैसी लग्ज़री गाड़ियों से चलना पसंद करता था।
माफिया जैसी जीवनशैली, पर दिखावा शांत मिजाज का
स्थानीय किराएदार नफीस अहमद बताते हैं कि वह बेहद शांत लेकिन शातिर किस्म का इंसान था। जब भी आता, चार से छह लड़कों की टोली उसके साथ होती। खेतासराय थाना प्रभारी रामाश्रय राय के अनुसार, उसने अपराध से करोड़ों की कमाई कर मुंबई में भी जमीनें खरीदीं। एक बार तो माता-पिता को जमीन का बैनामा कराने मुंबई हवाई जहाज से ले गया था, जिसकी चर्चा गांव में लंबे समय तक होती रही।
पारिवारिक सदमे में डूबी पत्नी, पांच माह की गर्भवती
संतोष की मौत की खबर मिलते ही उसकी पत्नी रूबी बेहोश हो गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। पांच माह की गर्भवती रूबी से शादी पिछले साल शाहगंज के भादी मोहल्ले में हुई थी। शादी के बाद का यह पहला झटका अब पूरे परिवार पर भारी पड़ गया है।
गांव में अब भी गूंज रही हैं संतोष की कहानियां
पांच महीने पहले ही वह अपने छोटे भाई की शादी की रस्म में शामिल होने गांव आया था। उसके बाद मुंबई रवाना हुआ तो फिर वापसी शव के रूप में हुई। सोमवार को पिलकिछा घाट पर अंतिम संस्कार हुआ, जहां पिता जयप्रकाश ने मुखाग्नि दी।

