आपदा राहत के सन्दर्भ में कार्यशाला का हुआ आयोजन
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जौनपुर। जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ सभागार में आपदा राहत और शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के जागरूकता के सन्दर्भ में कार्यशाला का आयोजन हुआ जहां जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा बाढ़, सूखा, अग्नि, ओला, सुनामी, बादल फटना, भूस्खलन, हिमस्खलन सहित कुल 11 आपदाएं अधिसूचित किया गया है। उन्होंने विस्तार से आपदाओं के संबंध में जानकारी प्रदान किया गया। साथ ही जनसंवाद के दौरान आपदा से सम्बन्धित प्रश्नों का उत्तर देते हुये आपदा के समय स्वयं को भी जागरूक होने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने संवाद करते हुए लोगों से पूछा कि सर्पदंश के प्रकरण में क्या किया जाना चाहिए। जानकारी देते हुये बताया कि सर्पदंश के दशा में सर्वप्रथम नजदीकी सीएचसी—पीएससी सेंटर पर इलाज हेतु ले जाना चाहिये और मृत्यु की दशा में पोस्टमार्टम अनिवार्य रूप से करना चाहिए जिससे उन्हें आपदा राहत के तहत क्षतिपूर्ति दी जा सके।जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा के तहत क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए शासन और जिला प्रशासन पूरी तरह से कटिबद्ध है। कार्यशाला में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने आपदा राहत से संबंधित पुस्तक को प्रधानों को वितरण करते हुए कहा कि गांव में जाकर आमजन को भी जागरूक किया जाय। कार्यशाला में जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री, जीरो पॉवर्टी, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य योजनाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि अधिकारीगण अपने क्षेत्र में पात्र गरीब व्यक्तियों का जीरो पॉवर्टी योजना में शत-प्रतिशत आच्छादित करें। जिलाधिकारी ने अपील किया कि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाया जाय। परिषदीय विद्यालयों में फलदार वृक्ष जैसे कटहल, आंवला, सहजन आदि की पौधे लगाये जाने के लिये निर्देशित करते हुये कहा कि जनपद के प्रत्येक किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री करना अनिवार्य है। 70 प्लस के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हेतु निर्देशित किया। इस दौरान टीडी कालेज और प्राथमिक विद्यालय गुरैनी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खड़िया, परियोजना निदेशक केके पांडेय, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, ईओ, खंड विकास अधिकारी, समाजसेवी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

