हादसे के बाद प्रशासन बना सहारा, श्रद्धालुओं को सुरक्षित बस से भेजा गया गंतव्य तक
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र, पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ कुमार समेत आला अधिकारियों ने सुबह से ही स्वयं मोर्चा संभाल लिया। जिला अस्पताल में घायलों के उपचार की व्यवस्था की गई, वहीं सुरक्षित श्रद्धालुओं को पुलिस लाइन लाकर अस्थायी रूप से ठहराया गया। वहां उनके लिए नाश्ता, भोजन, पेयजल और फल जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता और मुख्य सचिव के निर्देशों के क्रम में प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी श्रद्धालु असहाय न महसूस करे। सहायक सम्भागीय अधिकारी जौनपुर की देखरेख में श्रद्धालुओं को सरकारी बस उपलब्ध कराई गई और भावनात्मक सहयोग के साथ उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। उनकी सुरक्षा और सहयोग के लिए दो पुलिसकर्मियों को भी साथ भेजा गया है।
बस रवाना होते समय जिलाधिकारी ने स्वयं श्रद्धालुओं से संवाद किया, उनका हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर कदम पर उनके साथ है। हादसे के दुःख के बीच प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता ने श्रद्धालुओं के चेहरों पर भरोसे की किरण जगा दी।

