भागवत कथा का श्रवण मात्र ही सारे पापों से छुटकारा दिलवाने में समर्थ
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गौराबादशाहपुर (जौनपुर)श्रीमद् भागवत कथा के सप्त दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन भदेवरा ग्राम मे आयोजित भागवत कथा में जौनपुर से आये डा रजनीकांत द्विवेदी ने भगवान शंकर को कलयुग में सबसे सुलभ भगवान बताते हुये कहा कि विधि के विधान को बदलने की क्षमता केवल भगवान शिव के ही पास है। इस दौरान उन्होंने सुदामा की अद्भुत कथा सुना कर सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस दौरान उन्होंने शिवलिंग महात्म्य पर बताते हुए कहा कि सृष्टि की रचना के समय ब्रह्मा विष्णु में यह बहस छिड़ गई कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है। तब एक विशाल अग्नि स्तंभ यानी ज्योतिर्लिंग प्रकट हुआ । ब्रह्मा और विष्णु दोनों ने उसके आदि और अंत का पता लगाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। इस घटना के बाद से ही शिवलिंग की पूजा शुरू हुई जो भगवान शिव के अनाज और अनंत स्वरूप को दर्शाती है। कार्यक्रम के अंत में कथा के आयोजन बजरंगी सिंह की तरफ से कथा में आए समस्त श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम में नीरज सिंह प्रबंधक बी इंटर कॉलेज गोविंदपुर मनिहा, अजय सिंह प्रधानाचार्य, समाजसेवी सत्यानंद चौबे, प्रेम सिंह , प्रमोद सिंह, बबलू चौबे, संजय पाठक, सुनील पाठक, दिनेश पाठक, राजेंद्र सिंह, विमलेश सिंह इत्यादि ने अपना सक्रिय योगदान दिया।

