एनएसयूआई नेता अमन सिन्हा को किया हाउस अरेस्ट
जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा कराए जा रहे अधिवेशन के विरोध में एनएसयूआई द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन से घबराकर भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाया है।
एनएसयूआई जौनपुर के शहर अध्यक्ष अमन सिन्हा को अधिवेशन के विरोध में आवाज़ उठाने पर पुलिस प्रशासन द्वारा हाउस अरेस्ट किया गया, जो सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भाजपा सरकार छात्र आंदोलनों की आवाज़ से भयभीत होकर दमन के रास्ते उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है।
हाउस अरेस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अमन सिन्हा ने कहा कि
“हाउस अरेस्ट से हमारी आवाज़ दबने वाली नहीं है। एनएसयूआई छात्र हितों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी। तानाशाही सरकार के खिलाफ हमारा संघर्ष और तेज़ होगा।”
एनएसयूआई जौनपुर ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालयों को किसी भी प्रकार का राजनीतिक अखाड़ा बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र अधिकारों पर किया गया हर हमला लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
एनएसयूआई ने प्रशासन की इस दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए दोहराया कि छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा, चाहे सरकार कितनी ही बाधाएँ क्यों न खड़ी करे।

