सावित्रीबाई फुले जयंती पर अधिवक्ताओं ने जलायी मोमबत्तियाँ, किया नमन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लक्ष्मीबाई ब्रिगेड की अध्यक्ष मंजीत कौर ने सावित्रीबाई फुले के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन संघर्षों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताया और महिलाओं व वंचित वर्गों को शिक्षित करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
उन्होंने सावित्रीबाई फुले के विचारों— “स्वाभिमान से जीने के लिए पढ़ाई करो, पाठशाला ही इंसान की तीर्थ है और शिक्षा ही सच्चा गहना” — को आज भी प्रासंगिक बताया।
कार्यक्रम में सैकड़ों अधिवक्ता एवं वादकारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पुष्पा एडवोकेट, मधु, बिंदु, उषा एडवोकेट, खुशबू, रीता एडवोकेट, निधि एडवोकेट, मंजू एडवोकेट, जय, विजय बहादुर एडवोकेट, मुद्रावती, बीना तिवारी एडवोकेट सहित अनेक लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

