यूनियन बैंक चम्बलतारा के मैनेजर पर लापरवाही एवं मनमानी का आरोप
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जौनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार जहां युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्वरोजगार एवं ऋण योजनाएं संचालित कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर कुछ बैंकों की कार्यप्रणाली इन योजनाओं की मंशा को पलीता लगाती नजर आ रही है। ऐसा ही एक मामला चंबलतारा बैंक शाखा से सामने आया है जहां बैंक प्रबंधन पर पात्र युवाओं को निराश करने और सरकारी योजनाओं को गम्भीरता से न लेने के आरोप लगे हैं। बेगमगंज चुंगी लाल दरवाजा निवासी युवक दुकानदार अनुभव, अमित गुप्ता अपने रोजगार का विस्तार करने के उद्देश्य से बैंक में ऋण आवेदन के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि बैंक मैनेजर ने बिना आवेदन स्वीकार किये और दस्तावेजों की विधिवत जांच किये ही यह कहकर लौटा दिया कि उनका लोन संभव नहीं है।पीड़ित युवक का कहना है कि बैंक मैनेजर ने पहले से ही नकारात्मक रवैया अपनाते हुये तरह-तरह की शर्तें गिनाईं जबकि न उनके कागजात देखे गए और न ही किसी सरकारी ऋण योजना की सही जानकारी दी गई। इससे युवक को गहरी निराशा का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह पात्र युवाओं को बैंकों से निराशा मिलती रही तो सरकार की रोजगारपरक योजनाएं केवल फाइलों और आंकड़ों तक ही सीमित रह जाएंगी। लोगों ने बैंक के उच्चाधिकारियों और संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
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