चकबंदी अधिकारी की तहरीर पर दो कर्मचारियों के विरुद्ध धोखाधड़ी व कूटरचना में एफआईआर दर्ज
खेतासराय थाना क्षेत्र का मामला, चकबंदी अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा
जौनपुर। न्यायालय के आदेशों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी किए जाने के मामले में खेतासराय थाने में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मुकदमा चकबंदी अधिकारी बदलापुर द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 468 व 471 के तहत मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।एफआईआर शुक्रवार की शाम 6:12 बजे दर्ज की गई। आरोप है कि वर्ष 2018 में न्यायालय बदलापुर के आदेशों के नाम पर कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर सरकारी अभिलेखों में गड़बड़ी की गई।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि प्रकरण में लाभार्थी गयासुद्दीन पुत्र जलालुद्दीन निवासी मानिकला, थाना खेतासराय सहित तत्कालीन न्यायालय लिपिक चकबंदी अधिकारी बदलापुर और तत्कालीन आर.के. राजस्व अभिलेखागार जौनपुर के नाम प्रकाश में आए हैं। मामले में आरोप है कि कूटरचित आदेशों के आधार पर अभिलेखों में गलत प्रविष्टियां कराई गईं।
एफआईआर में उल्लेख है कि चकबंदी अधिकारी बदलापुर द्वारा न्यायालय बदलापुर के कथित आदेशों की जांच कराई गई, जिसमें दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। इसके बाद विधिक प्रक्रिया के तहत पुलिस को सूचना उपलब्ध कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला न्यायालयीन दस्तावेजों से जुड़ा होने के कारण गंभीर है। सभी संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की विवेचना में जुटी है।

