मनरेगा मार्च से पहले NSUI जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी, छात्र आंदोलन दबाने का आरोप
NSUI के अनुसार, मनरेगा बचाओ मार्च के ऐन पहले देर रात जौनपुर से जिलाध्यक्ष यशस्वी सिंह ‘सृजन’ की गिरफ्तारी की गई, जिसे संगठन ने राजनीतिक द्वेष और दमनात्मक कार्रवाई बताया। NSUI नेताओं का कहना है कि यह गिरफ्तारी किसी सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि छात्र आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास है।
पुलिस हिरासत से जारी अपने बयान में यशस्वी सिंह ने कहा कि सरकार के भीतर डर और घबराहट साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों, नौजवानों, किसानों, मजदूरों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की एकजुटता से भयभीत है। यशस्वी सिंह ने मनरेगा को संविधान प्रदत्त अधिकार बताते हुए कहा कि यह कोई खैरात नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान और रोजगार से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी गिरफ्तारी से आंदोलन को रोका नहीं जा सकता। “हथकड़ियां विचारों को नहीं रोक सकतीं,” कहते हुए उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि दमन से संघर्ष और तेज होगा।
NSUI का आरोप है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के वाराणसी आगमन और प्रस्तावित ऐतिहासिक मनरेगा बचाओ मार्च को विफल करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। संगठन का कहना है कि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार संवाद की बजाय बल प्रयोग और जेल के सहारे शासन करना चाहती है।
NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि दमन की नीति नहीं रोकी गई, तो प्रदेश की हर यूनिवर्सिटी, हर कॉलेज और हर सड़क पर आंदोलन देखने को मिलेगा। संगठन ने छात्रों और युवाओं से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है।

