विधवाओं-दिव्यांगों में सीता मैया को पहचाने सरकार : डा. रागिनी सोनकर
गरीबों से एक तरफ पेंशन बांटो, दूसरी तरफ बिजली बिल से डबल वसूली!
उत्तर प्रदेश विधानसभा में ऊर्जा मंत्री पर जमकर बरसीं डॉ.रागिनी सोनकर
जौनपुर।उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज बुधवार को मछली शहर की सपा विधायक डॉक्टर रागिनी सोनकर ने ऊर्जा मंत्री से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अंत्योदय कार्डधारकों, विधवा महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांग जनों को बिजली बिल में राहत प्रदान करने पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने सदन में मंत्री के दोहरे चरित्र पर तंज कसते हुए कहा कि सदन में तो आम बबूल की बातें और पुरानी सरकारों पर आरोप लगाते आंखें बबूल हो जाती हैं, लेकिन क्षेत्र में जाकर प्रभु श्रीराम और सीता मैया की कहानी सुना कर अधिकारियों को डराते हैं।विधायक ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में लगभग 40 लाख अंत्योदय कार्डधारक गरीबी रेखा से बहुत नीचे हैं, जिनके लिए कोई विशेष बिजली स्कीम नहीं लाई गई। 300 यूनिट बिजली का सालाना बिल 20,800 रुपये आता है, जबकि विधवाओं को मात्र 1,000 रुपये पेंशन दी जा रही है लेकिन 1,740 रुपये बिजली बिल वसूला जाता है। इसी प्रकार दस लाख दिव्यांगों और वृद्धों से पेंशन के नाम पर एक तरफ 1,000 रुपये देकर दूसरी तरफ बिजली बिल से डबल वसूली की जा रही है।
विधायक डॉक्टर सोनकर ने कहा कि अंत्योदय कार्डधारकों, विधवाओं, वृद्धों और दिव्यांगों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त प्रदान की जाए, बिजली बिल में वर्तमान सब्सिडी (जैसे 3.50 रुपये प्रति यूनिट अंत्योदय पर) को बढ़ाकर पूर्ण छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार 'सीता मैया' की कथा सुनाने के बजाय इन गरीब परिवारों की महिलाओं और दिव्यांगों में सीता मैया को पहचानें, जैसा प्रभु राम ने बाण चलाया तो न राक्षस बचे न ब्रह्मा।
विधायक ने चेतावनी दी कि नेता सदन का दावा है कि 6 करोड़ परिवार गरीबी रेखा से ऊपर आ गए, लेकिन राशन पर निर्भरता बनी हुई है। नौ साल की सरकार में ये परिवार बिजली बिल चुकाने में सक्षम नहीं बने। सरकार से तत्काल स्पष्ट उत्तर और कार्रवाई की मांग की गई है।

