पाक-कला में गुरैनी अव्वल, चकताली प्राइमरी दूसरे स्थान पर
जौनपुर । जनपद स्तरीय पाक-कला प्रतियोगिता में शाहगंज विकासखंड के गुरैनी विद्यालय ने प्रथम स्थान हासिल कर बाजी मार ली, जबकि सिरकोनी ब्लॉक के चकताली प्राइमरी स्कूल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता का आयोजन डायट जौनपुर परिसर में हुआ, जिसमें जिले भर से 30 रसोइयों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र और विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाडिया रहे। जिलाधिकारी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
प्रतियोगिता में रसोइयों को विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री से मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) के तहत निर्धारित मेन्यू — रोटी व सब्जी — तैयार करनी थी। सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने अंदाज में स्वाद और पोषण का संतुलन प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल ने स्वाद, स्वच्छता और पोषण मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया।
विजेताओं की सूची
प्रथम: संतरा देवी, उच्च प्राथमिक विद्यालय गुरैनी (विकासखंड शाहगंज) – ₹3500 व प्रमाणपत्र
द्वितीय: मीना गौड़, इंग्लिश मीडियम प्रा.वि. चकताली (विकासखंड सिरकोनी) – ₹2500 व प्रमाणपत्र
तृतीय: निशा देवी, कंपोजिट विद्यालय आदर्श केराकत – ₹1500 व प्रमाणपत्र
अन्य 27 रसोइयों को ₹300 का सांत्वना पुरस्कार और ₹300 मार्ग व्यय दिया गया। साथ ही गहना कोठी प्रतिष्ठान के विनीत सेठ द्वारा सभी 30 प्रतिभागियों को एक-एक साड़ी भेंट की गई।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालयों में परोसा जाने वाला भोजन बच्चों के स्वास्थ्य और संस्कार दोनों से जुड़ा है। उन्होंने रसोइयों से आह्वान किया कि भोजन में हरी सब्जियों के साथ सहजन, नींबू, करौंदा और आंवला जैसी पोषक व आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर सामग्री का उपयोग बढ़ाएं।
मुख्य विकास अधिकारी ने रसोइयों को बेसिक शिक्षा विभाग की “पोषण की जननी” बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने मध्यान्ह भोजन योजना के उद्देश्य और रसोइयों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन दीपा शुक्ला, प्रियंका मिश्रा व ज्योति श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।
प्रतियोगिता में शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन ने यह संदेश दिया कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव है।

