टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का ट्विटर पर हुंकार, #JusticeForTeachers दो घंटे तक नंबर-1 ट्रेंड
जौनपुर: सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता के विरोध में रविवार को देशभर के शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर जोरदार आवाज बुलंद की। Teachers Federation of India के बैनर तले चलाए गए चरणबद्ध आंदोलन के प्रथम चरण में #JusticeForTeachers हैशटैग के साथ ट्विटर अभियान चलाया गया, जो लगातार दो घंटे से अधिक समय तक नंबर-एक पर ट्रेंड करता रहा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जौनपुर के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने बताया कि एक सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता को लेकर असमंजस और आक्रोश की स्थिति है। उनका कहना है कि आरटीई लागू होने से पहले कार्यरत शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने के लिए सरकार अध्यादेश लाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से पहले आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में नकारात्मक संकेत मिलने लगे। इसी के चलते शिक्षक अब चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य हुए हैं।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में 23 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक शिक्षक अपने-अपने कार्यस्थल पर बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

