स्वतंत्रता सेनानी पं. दयाशंकर तिवारी पर बनी डॉक्यूमेंट्री का हुआ प्रदर्शन
कार्यक्रम में डॉक्यूमेंट्री के निर्माता एवं दयाशंकर तिवारी के परिजन विशाल दुबे और कुशल दुबे भी मौजूद रहे। वहीं फिल्म के निर्देशक धीरेंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह इंद्रोई ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सायं छह बजे शुरू हुए कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
डॉक्यूमेंट्री में पं. दयाशंकर तिवारी के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, ब्रिटिश शासन के खिलाफ उनके संघर्ष, कारावास की घटनाएं तथा समाज के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को दुर्लभ तस्वीरों, दस्तावेजों और वरिष्ठजनों के साक्षात्कारों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
फिल्म प्रदर्शन के बाद आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को इतिहास और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने का कार्य करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पं. दयाशंकर तिवारी की पत्नी स्व. लालती तिवारी के योगदान को भी विशेष रूप से याद किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण देखने को मिला।

