कन्या पूजन के साथ नौ दिवसीय वासंतिक नवरात्रि सम्पन्न
https://www.shirazehind.com/2026/03/blog-post_389.html
9वें दिन मां सिद्धिदात्री स्वरूप में भक्तों ने किया दर्शन—पूजन
अन्तिम दिन भक्तों की लगी लम्बी कतार, जमकर लगे जयकारेचौकियां धाम, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के मां शीतला चौकियां धाम में वासंतिक नवरात्रि के नवें दिन भक्तों ने माता रानी का सिद्धिदात्री स्वरूप में दर्शन पूजन किया। बता दें कि चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है जो देवी दुर्गा का अंतिम और सर्वोच्च स्वरूप हैं। यह दिन महानवमी कहलाता है जिसमें माता सिद्धिदात्री को कमल पर विराजमान स्वरूप में पूजा जाता है जो सिद्धियां और ज्ञान प्रदान करती हैं। इस दिन कन्या पूजन, हवन और दुर्गा सप्तशती का पाठ अत्यन्त शुभ माना जाता है जिससे भक्तों को मोक्ष और पूर्णता की प्राप्ति होती है। मां सिद्धिदात्री सभी सिद्धियों की देवी हैं। माता को कमल का फूल, मौसमी फल और तिल के व्यंजन (भोग) अर्पित करना चाहिये।
जानकारों के अनुसार इस दिन 9 कन्याओं और माता के 9वें स्वरूप के मंत्रों का 108 बार जाप करना उत्तम माना जाता है। नवरात्रि के 9 दिनों की पूजा का समापन हवन (अज्ञरी) और दुर्गा चालीसा/सप्तशती के पाठ से करना चाहिये। वही मंदिर के बगल में स्थित सत्य नारायण जी मन्दिर में दोपहर 12 बजे रामजन्म उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। देखा गया कि चौकियां धाम में प्रातःकाल 4 बजे मन्दिर के कपाट खुलने के पश्चात माता रानी का भव्य श्रृंगार करके मन्दिर के महंत विवेकानन्द पंडा ने आरती-पूजन किया। मन्दिर खुलने के पहले ब्रम्ह मुहुर्त से ही माता रानी के दर्शन के लिये भक्तों की लम्बी कतार लगी रही। दुर्गा सप्तशती पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन, पूजन, जयकारों एवं घण्टों की गूंज से सारा वातावरण मनमोहक एवं भक्तिमय हो गया। कतार में खड़े दर्शनार्थी बारी-बारी से दर्शन-पूजन करते नजर आये।
वहीं पूर्वांचल के कोने-कोने से आये श्रद्धालुओं ने मुंडन संस्कार, कढ़ाही, पूजन आदि करके परिवार समेत मां के चरणों में मत्था टेकते हुये सुख, शान्ति, समृद्धि, धन, यश, वैभव की कामना किया। नवरात्रि का नवें दिन व्रती महिलाओं ने अपने घर में विधि—विधान से दुर्गा सप्तशती पाठ करके आरती हवन पूजन कर वासंतिक नवरात्र का समापन किया किया। दूर-दराज से धाम में आने वाले भक्तों का तांता देर शाम तक लगा रहा। दर्शन-पूजन करने के पश्चात दर्शन पवित्र कुण्ड के बगल में स्थित काल भैरवनाथ एवं मां काली मंदिर में भी दर्शन-पूजन किये। शुक्रवार के दिन होने के चलते भक्तों की लम्बी कतार देर शाम तक लगी रही।सुरक्षा की दृष्टि से मन्दिर परिसर में चौकियां चौकी इंचार्ज राम प्रकाश यादव अपने सहयोगी पुलिसकर्मी एवं पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।
जानकारों के अनुसार इस दिन 9 कन्याओं और माता के 9वें स्वरूप के मंत्रों का 108 बार जाप करना उत्तम माना जाता है। नवरात्रि के 9 दिनों की पूजा का समापन हवन (अज्ञरी) और दुर्गा चालीसा/सप्तशती के पाठ से करना चाहिये। वही मंदिर के बगल में स्थित सत्य नारायण जी मन्दिर में दोपहर 12 बजे रामजन्म उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। देखा गया कि चौकियां धाम में प्रातःकाल 4 बजे मन्दिर के कपाट खुलने के पश्चात माता रानी का भव्य श्रृंगार करके मन्दिर के महंत विवेकानन्द पंडा ने आरती-पूजन किया। मन्दिर खुलने के पहले ब्रम्ह मुहुर्त से ही माता रानी के दर्शन के लिये भक्तों की लम्बी कतार लगी रही। दुर्गा सप्तशती पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन, पूजन, जयकारों एवं घण्टों की गूंज से सारा वातावरण मनमोहक एवं भक्तिमय हो गया। कतार में खड़े दर्शनार्थी बारी-बारी से दर्शन-पूजन करते नजर आये।
वहीं पूर्वांचल के कोने-कोने से आये श्रद्धालुओं ने मुंडन संस्कार, कढ़ाही, पूजन आदि करके परिवार समेत मां के चरणों में मत्था टेकते हुये सुख, शान्ति, समृद्धि, धन, यश, वैभव की कामना किया। नवरात्रि का नवें दिन व्रती महिलाओं ने अपने घर में विधि—विधान से दुर्गा सप्तशती पाठ करके आरती हवन पूजन कर वासंतिक नवरात्र का समापन किया किया। दूर-दराज से धाम में आने वाले भक्तों का तांता देर शाम तक लगा रहा। दर्शन-पूजन करने के पश्चात दर्शन पवित्र कुण्ड के बगल में स्थित काल भैरवनाथ एवं मां काली मंदिर में भी दर्शन-पूजन किये। शुक्रवार के दिन होने के चलते भक्तों की लम्बी कतार देर शाम तक लगी रही।सुरक्षा की दृष्टि से मन्दिर परिसर में चौकियां चौकी इंचार्ज राम प्रकाश यादव अपने सहयोगी पुलिसकर्मी एवं पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।

