हृदयगति थमने से सहायक अध्यापक का असामयिक निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर
नौपेड़वा (जौनपुर)। बक्शा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय हयातगंज उटरुकला में तैनात सहायक अध्यापक 42 वर्षीय राजनाथ यादव का सोमवार की रात अचानक हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
मंगलवार को विद्यालय में शोकसभा आयोजित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और विद्यालय को बंद कर दिया गया। शिक्षक साथियों और विद्यार्थियों की आंखें नम थीं, मानो किसी अभिभावक सरीखे मार्गदर्शक का साया सिर से उठ गया हो।
प्रतापगढ़ जनपद के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के दलापुर गांव निवासी राजनाथ यादव पिछले लगभग एक दशक से उक्त विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और बच्चों के प्रति समर्पण के कारण वे विद्यार्थियों और सहकर्मियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे।
बताया जाता है कि सोमवार रात अचानक सीने में तेज दर्द उठने पर परिजन उन्हें शहर स्थित डॉ. बी.एस. उपाध्याय के अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था—रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं।
मृतक शिक्षक के पारिवारिक संबंधों के चलते भी बड़ी संख्या में लोग शोक व्यक्त करने पहुंचे। वे बदलापुर के कलिंजरा निवासी ईंट भट्ठा व्यवसायी राजबहादुर यादव के दामाद थे, जिससे क्षेत्र में शोक का दायरा और व्यापक हो गया।
सूचना मिलते ही उनके बड़े भाई, माध्यमिक शिक्षक संघ आसपुर देवसरा के अध्यक्ष शोभनाथ यादव परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे और शव को गांव ले जाया गया, जहां इब्राहिमापुर घाट पर नम आंखों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया।
उनके निधन पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका विद्या यादव सहित शिक्षकगण—सुनीता यादव, विजय प्रकाश यादव, सविता सिंह, संगीता यादव, मंजू यादव, प्रज्ञा यादव, मंगल यादव, संतोष सिंह, आनंद सिंह, अरुण मिश्र तथा प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सरोज सिंह समेत अनेक शिक्षकों और गणमान्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
राजनाथ यादव का यूं अचानक चला जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे शिक्षा समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके स्नेह, समर्पण और शिक्षण के आदर्शों को लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।

