रामरायपट्टी के बहुचर्चित जमीन विवाद में हाईकोर्ट से राहत, बोले अश्वनी सिंह—“यह न्याय की जीत”
नवरात्रि के पहले दिन शुरू होगा बाउंड्री वॉल निर्माण, प्रशासन को तोड़फोड़ से रोका
जौनपुर। लाइनबाजार थाना क्षेत्र के रामरायपट्टी गांव में माधव सेवा आश्रम के सामने स्थित बहुचर्चित जमीनी विवाद में पीड़ित पक्ष को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब याचिकाकर्ता पक्ष ने निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी कर ली है।पीड़िता नीतू सिंह के पति अश्वनी सिंह ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “न्याय की जीत” बताया। उन्होंने कहा, “हम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। कल नवरात्रि के पहले दिन शुभ अवसर पर अपने मकान की बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य शुरू कराएंगे।”
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी एवं कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ में हुई। अदालत ने याचिकाकर्ता को 30 सितंबर 2022 को स्वीकृत मानचित्र के अनुसार सीमा दीवार बनाने की अनुमति दी है। साथ ही प्रशासन को किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ (डिमोलिशन) कार्रवाई से फिलहाल रोक दिया गया है।
रामरायपट्टी गांव में स्थित उक्त भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन द्वारा निर्माण को लेकर आपत्ति जताई गई थी, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
स्वीकृत नक्शे के अनुसार बाउंड्री वॉल निर्माण की अनुमति
प्रशासन को निर्माण की माप कर जांच का अधिकार
किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ पर रोक
विचलन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई और सुनवाई का अवसर
मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जहां पीड़ित पक्ष को बड़ी राहत मिली है, वहीं नवरात्रि से निर्माण कार्य शुरू होने की तैयारी ने इस बहुचर्चित विवाद को नया मोड़ दे दिया है।

