चैत्र नवरात्र विशेष: एक ऐसा मन्दिर जहां लगातार पांच पीढ़ियां कराती आ रही हैं दुर्गा पाठ
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जौनपुर। चैत्र नवरात्र पर माता रानी की पूजा अर्चना का दौर पूरे जनपद में चल रहा है। शुक्रवार को रामनवमी के दिन पूजन अर्चन और हवन का कार्यक्रम पूरे जनपद में सम्पन्न हुआ। रामनवमी के अवसर पर भगवान राम की शोभायात्रायें निकाली गईं।ऐसे में हम आपको एक गांव विशेष के दुर्गा पाठ की एक विशेष बात बता रहे हैं जहां मां दुर्गा के पाठ का निर्वहन लगातार पांचवीं पीढ़ी कर रही है।बात विकास खंड मछलीशहर के गांव बामी के चौरा माता मन्दिर की है।यहां जनपद प्रतापगढ़ के रमईपुर दिशनी गांव के एक ब्राह्मण परिवार के लोग विगत पांच पीढ़ियों से दुर्गा माता के पाठ के लिए चैत्र एवं शारदीय नवरात्र में लगातार आ रहे हैं। पहले चौरा माता मन्दिर पर सिर्फ एक नीम का पेड़ और एक कुआं था।90 के दशक में मन्दिर का निर्माण हुआ। पहुंचने का रास्ता भी नहीं था जहां जिला पंचायत की ओर से 2026 में सी सी रोड़ बन गई है। जैसे - जैसे समय बीतता गया पूजा पाठ के पैटर्न में परिवर्तन होता गया। पूजा का शांत माहौल कम होता गया।डीजे का शोर,जोर- शोर से बढ़ता गया। शोरगुल के बीच पूजा का मूल स्वरूप बदलता गया किन्तु यहां आज भी गांव के लोग शोरगुल से दूर एकाग्रभाव से पूजा पाठ करते हैं। पूरे गांव की औरतें नौ दिन मंदिर पर जल चढ़ाने आती हैं और आखिरी दिन हवन होती है।यहां का नीम का पेड़ जो 80 के दशक में एक बार दीपक की आग से जल गया लेकिन उसकी जड़ों से कई शाखाएं निकल आई जो और भी सुंदर लगती हैं। दुर्गा पाठ की पांचवीं पीढ़ी में परम्परा का निर्वहन कर रहे ब्राह्मण परिवार के नितिन मिश्रा कहते हैं कि हमारी पीढ़ी ,चौरा माता के पाठ का निर्वहन तब से कर रही है जब लोग पैदल या साइकिल से आया -जाया करते थे। आज उस परम्परा का निर्वहन करते हुए उन्हें खुशी होती है।नौ दिन गांव में अलग-अलग यजमान मुझे अपने घर भोजन ग्रहण कराते हैं। दुर्गा पाठ और हवन के पश्चात गांव के सभी लोग अपनी क्षमता अनुसार दान- दक्षिणा देकर मुझे विदा करते हैं।

