कलेक्ट्रेट परिसर से लाइन बाजार, वाजिदपुर होते हुये कृषि भवन परिषद तक जनजागरूकता मार्च निकाला गया। डीजे, प्रचार वाहनों एवं मिलेट्स को बढ़ावा देने का स्लोगन के जरिये लोगों को मोटे अनाजों के पोषण एवं उपयोगिता की जानकारी दी गयी।
रैली को रवाना करते समय जिलाधिकारी ने बताया कि मोटे अनाज ग्लूटेन फ्री होने के कारण अधिक लाभकारी होते हैं। इसका कम पानी कम उर्वरक एवं कम समय में बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है, इनकी उपयोगिता को देखते हुए सरकार इसका नाम श्री अन्य योजना दिया है। कभी गरीबों का भोजन कहा जाने वाला अनाज आज इसके गुणों एवं उपयोगिता को देखते हुए आहार विशेषज्ञ एवं डॉक्टर इसे सुपर फूड्स की संज्ञा दे रहे हैं। इसको बढ़ावा देने के लिये सरकार मोटे अनाजों के बीजों को निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। किसान भाई अपने खेतों में इनकी खेती करके कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य रहने के लिए भोजन में मोटे अनाजों को शामिल करना आज की एक अनिवार्य आवश्यकता बन गई है।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डा. वीबी द्विवेदी, जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी डा. स्वाति पाहुजा, अमित कुमार, उप परियोजना निदेशक आत्मा डा. रमेश चन्द्र यादव, टीडी पीजी कालेज के पौध सुरक्षा के प्रोफेसर डा. रमेश सिंह सहित कालेज के छात्र, छात्राएं, किसान आदि उपस्थित रहे।