हाईकोर्ट आदेश के बावजूद शिक्षक की बाउंड्रीवाल रोकी, नोटिस की तारीख पर उठे सवाल
पीड़ित अश्वनी कुमार सिंह के अनुसार, उन्होंने कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद 19 मार्च को अपने मकान की बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य शुरू किया था। लेकिन उसी दौरान सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा रात करीब आठ बजे एक नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया।
नोटिस में बाउंड्रीवाल का नक्शा पास न होने का हवाला दिया गया है, जबकि पीड़ित का कहना है कि बिना समुचित जांच के ही कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नोटिस में 17 मार्च की तारीख अंकित है, जबकि निर्माण कार्य 19 मार्च को शुरू हुआ, जिससे नोटिस की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज और वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसे वे 22 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करेंगे।
उक्त भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन की आपत्ति के खिलाफ याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जहां से उन्हें अंतरिम राहत मिली थी। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने से मामला फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

