गुरु नहीं होते सेवानिवृत्त: 40 वर्षों की सेवा के बाद अशोक तिवारी को भावभीनी विदाई
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. संजय चौबे ने तिवारी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका समर्पण और अनुशासन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। वहीं प्रबंधक डॉ. सत्यराम प्रजापति ने कहा कि तिवारी का संस्थान के प्रति लगाव अन्य शिक्षकों के लिए अनुकरणीय है।
राज पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शंभू राम ने शिक्षकों से अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए छात्रों की संख्या और पठन-पाठन की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया। उपप्रबंधक जियाराम यादव ने तिवारी के उत्तम स्वास्थ्य और सुखद जीवन की कामना की।
विद्यालय की पूर्व प्रधानाचार्य प्रेमचंद जी ने प्रेरक पंक्तियों के माध्यम से शिक्षक के कर्तव्यों का बोध कराया। वहीं डॉ. अखिलेश्वर शुक्ला ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उसका सामाजिक दायित्व जीवन भर बना रहता है।
कार्यक्रम का संचालन एनसीसी के संघीय अधिकारी लेफ्टिनेंट बृजभूषण यादव ने किया। विदाई से भावुक हुए अशोक कुमार तिवारी ने प्रबंधन, प्रधानाचार्य और समस्त शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अंजनी कुमार श्रीवास्तव, डॉ. विश्वनाथ यादव, डॉ. बृजेश कुमार सिंह, डॉ. रमेश चंद्र, राघवेंद्र सिंह, राम प्रताप, सत्य प्रकाश सिंह, पवन कुमार साहू, संतलाल, आनंद कुमार तिवारी, रमेश कुमार त्रिपाठी, नागेंद्र प्रसाद, अनिल कुमार यादव, सुभाष यादव, संजय सिंह, विनय ओझा, ऋषिकेश, सूरज, पूजा सिंह, रंजना प्रजापति, ज्योति सिंह, रंजना चौरसिया, लिपिक सुभाष कुमार मिश्रा सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

