जौनपुर की बेटी सौम्या जायसवाल ने ‘ऑर्गन-ऑन-चिप’ तकनीक से रचा नया इतिहास
जौनपुर। जनपद के सिकरारा क्षेत्र के शेरवां बाजार की मूल निवासी सौम्या जायसवाल ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर देश को एक नई वैज्ञानिक उपलब्धि दिलाई है। उनके द्वारा विकसित ‘ऑर्गन-ऑन-चिप’ तकनीक ने न सिर्फ वैज्ञानिकों बल्कि विशेषज्ञों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यह तकनीक भविष्य में दवा परीक्षण की दिशा को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है।
आईआईटी मुंबई से जुड़ी सौम्या जायसवाल ने अपनी टीम के साथ मिलकर ऐसी अत्याधुनिक तकनीक विकसित की है, जिसमें मानव शरीर के विभिन्न अंगों के सूक्ष्म मॉडल (माइक्रो मॉडल) तैयार कर उन पर दवाओं का परीक्षण किया जाता है। इस तकनीक के माध्यम से दवाओं के प्रभाव को रियल टाइम में परखा जा सकता है, जिससे परिणाम अधिक सटीक और विश्वसनीय मिलते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में दवा परीक्षण की प्रक्रिया बेहद महंगी और समय लेने वाली होती है, साथ ही अधिकांश दवाएं क्लिनिकल ट्रायल में असफल हो जाती हैं। ऐसे में ‘ऑर्गन-ऑन-चिप’ तकनीक एक नई उम्मीद बनकर उभरी है, जो कम समय और कम लागत में बेहतर परिणाम देने में सक्षम है। इससे पशुओं पर होने वाले परीक्षण की आवश्यकता भी काफी हद तक कम हो सकती है।
सौम्या जायसवाल की इस उपलब्धि से न केवल जौनपुर बल्कि पूरे प्रदेश में गर्व का माहौल है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के शीर्ष संस्थानों में अपनी पहचान बनाने वाली सौम्या आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा किसी भी सीमाओं की मोहताज नहीं होती।
परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि सौम्या ने अपने गांव और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है और उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक साबित होगी।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के सिकरारा क्षेत्र के शेरवां बाजार की मूल निवासी सौम्या जायसवाल वर्तमान में मुंबई के नाला सोपारा में रह रही हैं। उनके इस उपलब्धि से क्षेत्र में गर्व का माहौल है। सौम्या के भाई शुभांशू जायसवाल प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं, जबकि उनके मामा रामजी जायसवाल तेजस टूडे समूह के संपादक हैं।

