सब्सिडी के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य, डीएम ने तेज करने के दिए निर्देश
कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों का एक समग्र डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन किसानों का पंजीकरण नहीं होगा, वे भविष्य में कई योजनाओं की सब्सिडी से वंचित रह सकते हैं।
जिलाधिकारी ने कृषि, राजस्व एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गांव-गांव में विशेष शिविरों का आयोजन कर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने ग्राम प्रधानों और पंचायत सहायकों की भूमिका को भी अहम बताते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर किसानों को जागरूक करें और उन्हें रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर पात्र किसान तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे, और फार्मर रजिस्ट्री इस दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रही है। इसके जरिए योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होगी।
जिलाधिकारी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि जिले के किसान समय से सरकारी सहायता का लाभ उठा सकें।
उन्होंने अंत में कहा कि फार्मर रजिस्ट्री केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है, जिसे सफल बनाने में सभी की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

