नगर अतिव्यस्त इलाके में जर्जर इमारत बनी ‘मौत का साया’
जौनपुर। नगर के अतिव्यस्त इलाके मखदुमशाह अढन मोहल्ले में एक जर्जर इमारत लोगों के लिए जानलेवा खतरा बनती जा रही है। कल्लू इमामबाड़ा के ठीक बगल स्थित इस पुरानी इमारत के हिस्से लगातार टूटकर सड़क पर गिर रहे हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों के सिर पर हर समय खतरा मंडरा रहा है। गनीमत रही कि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह इमारत काफी समय से जर्जर अवस्था में है और इसके कई हिस्से कमजोर होकर गिरने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। मोहल्ले के संभ्रांत नागरिक श्रीप्रकाश सिंह ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया है।
मामले की जांच के लिए संबंधित विभाग के इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से इमारत को जर्जर व खतरनाक घोषित किया है। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से इसे ध्वस्त कराने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में आक्रोश और भय दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
स्थिति इसलिए भी अधिक संवेदनशील हो गई है क्योंकि मोहर्रम का महीना नजदीक है। कल्लू इमामबाड़ा में इस दौरान प्रतिदिन हजारों की संख्या में शिया मुस्लिम समुदाय के लोग मजलिस और मातम के लिए जुटते हैं। इसके अलावा हर रविवार को भी यहां मजलिस का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में जर्जर इमारत का मौजूद रहना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस इमारत को ध्वस्त नहीं कराया, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर इमारत को गिराने की मांग की है, ताकि संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर खतरे को कब तक नजरअंदाज करता है, या फिर किसी अनहोनी के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।


