बुकिंग के 25 दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर, एजेंसियों पर पक्षपात और मिलीभगत के आरोप
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| फोटो by आर्टिफिसियल इंटीजिलेंस |
जौनपुर। जिले में पिछले कई महीनों से चल रही एलपीजी गैस की भारी किल्लत अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। घरेलू रसोई का चूल्हा ठंडा पड़ने लगा है तो दूसरी ओर शादी-विवाह वाले घरों में यह संकट किसी बड़ी आपदा से कम नहीं दिख रहा। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियों की मनमानी और विभागीय अधिकारियों की ढिलाई के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
स्थिति यह है कि ऑनलाइन बुकिंग कराने के बावजूद उपभोक्ताओं को 20 से 25 दिन तक गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कई उपभोक्ता रोज एजेंसियों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को हो रही है जहां शादी-विवाह या अन्य मांगलिक कार्यक्रम तय हैं। लोगों का कहना है कि बाजार में महंगे दाम पर गैस खरीदने की नौबत आ गई है।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस संकट के बीच कुछ गैस एजेंसी संचालक, विभागीय अधिकारी और कर्मचारी “आपदा में अवसर” तलाशने में जुटे हैं। आरोप है कि रसूखदार लोगों और विशेष ग्राहकों को आसानी से गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि आम उपभोक्ता लंबी प्रतीक्षा सूची में धक्के खाने को मजबूर हैं।
लोगों में सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि जो एजेंसी ऑनलाइन बुकिंग के पांच से छह दिन के भीतर उपभोक्ताओं के घर तक गैस पहुंचा रही थी, उसके खिलाफ प्रशासन ने 3/7 धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। वहीं दूसरी ओर जिन एजेंसियों पर बुकिंग के 25 दिन बाद भी गैस नहीं देने के आरोप हैं, उनके खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा। इससे विभागीय कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी से मिलकर एक गैस एजेंसी की खुलकर शिकायत की थी। शिकायत के बाद एजेंसी की जांच तो शुरू हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। नतीजा यह रहा कि शनिवार को भी एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही। घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
महिलाओं ने बताया कि सुबह से लाइन में लगने के बाद भी गैस मिलने की कोई गारंटी नहीं रहती। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसियों पर पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। बुकिंग नंबर आने के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जबकि कुछ लोगों को बैकडोर से आसानी से गैस मिल रही है।
जिले में लगातार बढ़ रहे इस संकट को लेकर अब प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी से गैस वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि आम जनता को राहत मिल सके और घरेलू रसोई की परेशानी दूर हो सके।

