स्टीमर बन्द होने से नौका संचालकों के समक्ष आया भूखमरी का संकट
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गोमती नदी नौका (स्टीमर) संचालन समिति ने डीएम को सौंपा पत्रक
जौनपुर। पर्यटकों के लिये शोभा बने गोमती नदी के नौका (स्टीमर) संचालन न होने से नौका स्वामियों के समक्ष भुखमरी की संकट आ गयी है। पिछले कई दिनों से रोजी—रोटी छीनने से परेशान लोगों ने सोमवार को जिलाधिकारी से मिलकर पत्रक सौंपा। गोमती नदी स्टीमर संचालन समिति गोपी घाट (शाही एवं सद्भावना पुल के बीच में) के बैनर तले पत्रक सौंपने वाले पीड़ितों का कहना है कि वह लोग गोमती नदी के किनारे रहने वाले मल्लाह बिरादरी के हैं जो अनादि काल से मछली का कारोबार करके परिवार का पेट पालते थे। इधर यह व्यवसाय चौपट चल रही थी कि गोमती नदी के दोनों किनारों पर शासन—प्रशासन द्वारा बनवाये गये अच्छे घाट की वजह से लोगों का नदी के किनारे घूमने का प्रचलन शुरू हो गया।इसी को देखते हुये नाव को मोटिफाइट करके नौका (स्टीमर) संचालन का कारोबार किया जाने लगा जिससे परिवार का पेट पलने लगा। गत दिवस मध्य प्रदेश में हुये एक हादसे की वजह से यहां गोमती नदी में नौका (स्टीमर) संचालन बन्द कर दिया गया जिसके चलते लोगों के समक्ष रोटी के लाले पड़ गये हैं। पीड़ितों के अनुसार कोई सरकारी गाइड लाइन जारी करते हुये नौका (स्टीमर) संचालन को पुन: शुरू करवाया जाय, ताकि हम लोगों का रोजी—रोटी चल सके और हमारे परिवार का पेट पल सके। फिलहाल हम लोग लाइफ जैकेट के साथ नौका (स्टीमर) संचालन करते हैं। इसके अलावा यदि और कोई दिशा—निर्देश हो तो उसका भी पालन करने को तैयार हैं।
जिलाधिकारी से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाने वालों में अनन्त निषाद, प्रदीप निषाद, अजीत निषाद, रंजीत निषाद, कुन्दन निषाद सहित तमाम नौका संचालक प्रमुख रहे। वहीं जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद जौनपुर के अधिशासी अधिकारी को मामले की जांच करके आख्या देने का आदेश दिया है।

