मृत्युंजय महादेव धाम, उमरछा में पुरुषोत्तम मास के प्रथम दिन धार्मिक अनुष्ठानों की धूम
सुबह के सत्र में मुख्य पुरोहित पंडित अभिनव मिश्र के आचार्यत्व में अशोक दुबे, सूर्यनाथ शुक्ल, दीनानाथ उपाध्याय,सरोज, तृप्ति, रिया, शिवानी आदि महिलाओं और पुरुषों ने सामूहिक रूप से "ॐ नमः शिवाय" महामंत्र का सस्वर पाठ किया। भक्तों ने अत्यंत श्रद्धाभाव से भगवान मृत्युंजय महादेव पर बेलपत्र अर्पित कर विश्व कल्याण की कामना की।
तत्पश्चात पंडित श्रेय मिश्र द्वारा श्रीरामचरितमानस के मास परायण के प्रथम विश्राम का पाठ और मधुर स्वर में व्याख्या की गई। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा, "मानस का प्रथम विश्राम नाम, महिमा और गुरु वंदना से मानव जीवन को अनुशासित बनाता है, क्योंकि राम नाम का स्मरण करने से जीव सहज ही भवसागर पार कर जाता है।
इसके बाद पंडित अभिनव मिश्र द्वारा शिव पुराण का पाठ करते हुए उसके प्रथम अध्याय से लेकर तीसरे अध्याय के महत्व पर प्रकाश डाला गया। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा, "शिव पुराण के शुरुआती अध्याय शिव कथा श्रवण, कीर्तन और मनन की महिमा बताते हैं, जिसके प्रभाव से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होकर परम गति मिलती है।"महामृत्युंजय जाप और रुद्राभिषेककथा और प्रवचन के उपरांत विद्वान पंडितों के दल द्वारा वैदिक रीति से 11 माला महामृत्युंजय मंत्र का सामूहिक जाप किया गया। संध्याकाल में यजमान राजेश शुक्ल ने अपनी धर्मपत्नी (सपत्नीक) के साथ भगवान आशुतोष का विधि-विधान से भव्य रुद्राभिषेक संपन्न किया। इसके बाद भगवान मृत्युंजय महादेव की महाआरती उतारी गई और भक्तों में प्रसाद वितरण हुआ।इस भव्य धार्मिक आयोजन के अवसर पर रमाशंकर उपाध्याय, शेषनाथ शुक्ल, सदानंद शुक्ल, लालसाहब शुक्ल, सतीश कुमार उपाध्याय, अशोक शुक्ल, अरविंद शुक्ल, कैलाश शुक्ल, संतोष शुक्ल अरविंद सिंह, ओंकार विजय प्रजापति, संजय प्रजापति सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

