शाही ईदगाह में अकीदत के साथ अदा हुई बकरीद की नमाज
जौनपुर। मछलीशहर पड़ाव स्थित शाही ईदगाह में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज शनिवार को पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में सकुशल संपन्न हुई। शाही ईदगाह के इमाम एवं खतीब हजरत मौलाना अब्दुज जाहिर सिद्दीकी हनफी ने हजारों नमाजियों को नमाज अदा कराई और अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी।
खुतबे में मौलाना ने हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम और हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी का जिक्र करते हुए कहा कि बकरीद त्याग, समर्पण और अल्लाह की राह में अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल रस्म नहीं, बल्कि इंसान के ईमान और समर्पण की परीक्षा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कुर्बानी इस्लामी और कानूनी दायरे में रहकर करें। स्वस्थ एवं बिना किसी शारीरिक दोष वाले जानवर की ही कुर्बानी दी जाए। साथ ही गोश्त को तीन हिस्सों में बांटकर गरीबों, रिश्तेदारों और परिवार के बीच वितरित करने की परंपरा निभाने पर जोर दिया।
मौलाना ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के अवशेष खुले में न फेंके जाएं, बल्कि उन्हें सुरक्षित तरीके से निस्तारित किया जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुर्बानी की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने से भी बचने की सलाह दी, ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों।
त्योहार को लेकर बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। नए कपड़ों में बच्चे एक-दूसरे से गले मिलते नजर आए। वहीं शासन की मंशा के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे। ईदगाह के बाहर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एवं कार्यकर्ता नमाजियों का स्वागत करते दिखाई दिए।
इस मौके पर नेयाज ताहिर शेखू, मोहम्मद शोएब अच्छू खान, जफर राजा, रियाजुल हक, हाजी इमरान खान, मौलाना आफाक, अकरम मंसूरी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

