गैस संकट से जूझ रहा जौनपुर, सिलेंडर के लिए धूप में कतारों में खड़े उपभोक्ता
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| फ़ोटो by आर्टिफिसियल इंटीजिलेंस |
शुक्रवार को बड़ी संख्या में परेशान उपभोक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। लोगों ने आरोप लगाया कि बुकिंग कराने के बावजूद 20 से 25 दिन बाद भी गैस उपलब्ध नहीं हो रही, जबकि कुछ लोगों को बिना इंतजार के आसानी से सिलेंडर मिल जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार कई गैस एजेंसियों पर रसूखदार और प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि आम उपभोक्ता लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। यही नहीं, कुछ एजेंसी संचालकों पर सत्ता पक्ष से करीबी संबंध होने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसी वजह से विभागीय अधिकारी एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
गैस संकट को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें “स्टॉक खत्म” होने की बात कहकर वापस लौटा दिया जाता है, जबकि पीछे के रास्ते से कुछ लोगों को गैस दी जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जिला पूर्ति अधिकारी को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद जिला पूर्ति विभाग ने टीमें गठित कर विभिन्न गैस एजेंसियों पर जांच शुरू कर दी है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जनता से लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जांच कराई गई।
प्रारंभिक जांच में कुछ खामियां सामने आई हैं और उसकी रिपोर्ट एडीएम को भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह के सीजन और सप्लाई कम मिलने के कारण समस्या बढ़ी है। विभाग की ओर से शादी व अन्य आयोजनों के लिए कमर्शियल गैस उपलब्ध कराई जा रही है तथा अब तक लगभग एक हजार लोगों को रजिस्ट्रेशन के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा चुकी है।
हालांकि आम जनता का कहना है कि यदि सप्लाई व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं लाई गई और एजेंसियों की मनमानी पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में हालात और विस्फोटक हो सकते हैं। फिलहाल लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

