पांच लाख के लिए नवविवाहिता को उतारा मौत के घाट, लाश कुएं में फेंकी; दोषी पति को 10 साल की जेल!
जौनपुर की सनसनीखेज वारदात: सात फेरों के वादों को पैशाचिक लालच में बदला, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह का कड़ा रुख, पति दिनेश पटेल पर 55 हजार का भारी जुर्माना भी ठोका
जौनपुर।पैसे की हवस और लालच जब इंसान को अंधा बना देती है, तो रिश्ते ही जल्लाद बन जाते हैं। ऐसा ही एक रूह कंपा देने वाला मामला रामपुर थाना क्षेत्र के भिऊरा गांव से सामने आया है, जहाँ एक मासूम विवाहिता को सिर्फ इसलिए अपनी जान गंवानी पड़ी क्योंकि उसका मायका दहेज के 'दानवों' की 5 लाख रुपये की डिमांड पूरी नहीं कर सका। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी पति दिनेश पटेल को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 55,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसकी आधी राशि बिलखती मां को दी जाएगी।शादी के कुछ दिन बाद ही शुरू हुआ 'यातनाओं का दौर'
मड़ियाहूं के बारी गांव की रहने वाली बदहवास मां कमलावती ने अपनी बेटी रेनू की डोली 21 नवंबर 2017 को दिनेश पटेल के घर बड़े अरमानों के साथ भेजी थी। मां ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया, लेकिन उसे क्या पता था कि वह अपनी लाडली को ससुराल नहीं, बल्कि सीधे मौत के कुएं में धकेल रही है। शादी के कुछ दिन बीतते ही पति दिनेश और दोनों जेठानियों के सिर पर 5 लाख रुपये कैश का भूत सवार हो गया। रेनू को दिन-रात नरकीय यातनाएं दी जाने लगीं, उसे मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ा गया।
4 मार्च की वो खौफनाक सुबह: जब कुएं से निकली लाश
4 मार्च 2020 की सुबह करीब 7:00 बजे जब मायके वालों के फोन की घंटी बजी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। गांव के एक शख्स ने कांपती आवाज में बताया— "आपकी बेटी को ससुराल वालों ने जान से मार डाला है और उसकी लाश को कुएं में फेंक दिया है!"
खबर सुनते ही बदहवास मायके वाले जब चीखते-चिल्लाते रेनू के ससुराल पहुंचे, तो वहां सन्नाटा पसरा था। सारे कसाई ससुराल वाले घर छोड़कर फरार हो चुके थे। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस आई थी और कुएं की गहराइयों से रेनू की लाश को बाहर निकालकर ले गई है।
गले पर था मौत का काला निशान!
जब मां ने थाने में अपनी बेटी के शव को देखा, तो उसकी रूह कांप गई। रेनू के गले पर काले रंग का गहरा और खौफनाक निशान था, जो चीख-चीख कर गवाही दे रहा था कि मरने से पहले उसने अपनी जिंदगी के लिए कितना संघर्ष किया होगा।
दरिंदे ने पहले उसका गला घोंटा और फिर सबूत मिटाने के लिए उसे कुएं में फेंक दिया।
अदालत में खुला गुनाहों का कच्चा चिट्ठा
रामपुर पुलिस ने इस मामले की गहन तफ्तीश कर कोर्ट में पुख्ता आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत के कटघरे में जब सरकारी वकील ने एक के बाद एक अचूक गवाहों को पेश किया, तो आरोपी पति के सारे बहाने धरे के धरे रह गए।
दोनो पक्षों की रोंगटे खड़े कर देने वाली दलीलों को सुनने के बाद, कोर्ट ने पति दिनेश पटेल को इस जघन्य अपराध का मुख्य गुनहगार पाया और उसे सलाखों के पीछे भेजकर इंसाफ की एक नई मिसाल पेश की।

