इनामी भोले राजभर को हाईकोर्ट से 60 दिन की राहत, एफआईआर रद्द करने से इनकार
खेतासराय थाना क्षेत्र में दर्ज आजाद बिंद दूल्हा हत्याकांड में नामजद आरोपी भोले राजभर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दो मई 2026 को दर्ज एफआईआर को निरस्त करने तथा गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से स्वयं को निर्दोष बताते हुए फर्जी तरीके से फंसाए जाने का दावा किया गया। वहीं राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए आरोपों को गंभीर बताया गया।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विवेक सारण की खंडपीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला एफआईआर निरस्त करने योग्य नहीं है। अदालत ने एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।
हालांकि, याची के अनुरोध पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि वह 60 दिनों के भीतर संबंधित अदालत में आत्मसमर्पण कर नियमित अथवा अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करता है तो उसकी अर्जी पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भोले राजभर पहले से गिरफ्तार नहीं है तो अगले 60 दिनों तक उसे इस मुकदमे में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
खंडपीठ ने यह भी कहा कि निर्धारित अवधि के भीतर आत्मसमर्पण न करने की स्थिति में आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जा सकती है। इस आदेश को हत्याकांड की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

