तत्कालीन थानाध्यक्ष अश्विनी दूबे सहित दो पुलिस अधिकारियों को नोटिस
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पत्रकार की शिकायत पर भारतीय प्रेस परिषद ने मांगा जवाब
दो सप्ताह तक जवाब न देने पर परिषद कार्यवाही को बाध्यजौनपुर। लगभग दो वर्ष पहले पत्रकार के साथ बदतमीजी करने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष एवं चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही करने के लिये भारतीय प्रेस परिषद गम्भीर हो गया। इतना ही नहीं, परिषद ने महाराजगंज थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष अश्विनी दूबे और उपनिरीक्षक एसपी पाण्डेय को नोटिस भी जारी कर दिया है। परिषद ने दोनों पुलिस अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर लिखित जवाब मांगा है, अन्यथा उनके विरूद्ध कार्यवाही के लिये बाध्य हो जायेगा।
प्रेस परिषद की सचिव शुभा गुप्ता द्वारा 5 जून को जारी नोटिस (केस संख्या 157/2024/बीपीसीआई) के अनुसार पत्रकार पंकज कुमार ने महाराजगंज थाने के उपरोक्त दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। शिकायत में उन पर पत्रकार को धमकाने और प्रेस की स्वतंत्रता में कथित तौर पर बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। प्रारम्भिक जांच के बाद प्रेस परिषद के अध्यक्ष ने पाया कि यह मामला "प्रेस की स्वतंत्रता पर अतिक्रमण/कुठाराघात प्रतीत होता है"। इसके बाद परिषद ने प्रेस परिषद अधिनियम 1978 की धारा 13(1) और धारा 15(4) के तहत कार्यवाही की चेतावनी देते हुये दोनों पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
परिषद ने दोनों नुलिा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नोटिस मिलने के 14 दिन के भीतर अपना लिखित वक्तव्य 3 प्रतियों में प्रस्तुत करें। इसकी एक प्रति शिकायतकर्ता पत्रकार पंकज कुमार को भी भेजनी होगी। निर्धारित समय में जवाब न देने की स्थिति में यह मामला परिषद की जांच समिति के समक्ष पेश किया जायेगा और उचित आदेश पारित किया जायेगा। वहीं परिषद द्वारा की गयी इस कार्यवाही से पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह कदम प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। महाराजगंज क्षेत्र में इस नोटिस के बाद पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रेस परिषद की सचिव शुभा गुप्ता द्वारा 5 जून को जारी नोटिस (केस संख्या 157/2024/बीपीसीआई) के अनुसार पत्रकार पंकज कुमार ने महाराजगंज थाने के उपरोक्त दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। शिकायत में उन पर पत्रकार को धमकाने और प्रेस की स्वतंत्रता में कथित तौर पर बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। प्रारम्भिक जांच के बाद प्रेस परिषद के अध्यक्ष ने पाया कि यह मामला "प्रेस की स्वतंत्रता पर अतिक्रमण/कुठाराघात प्रतीत होता है"। इसके बाद परिषद ने प्रेस परिषद अधिनियम 1978 की धारा 13(1) और धारा 15(4) के तहत कार्यवाही की चेतावनी देते हुये दोनों पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
परिषद ने दोनों नुलिा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नोटिस मिलने के 14 दिन के भीतर अपना लिखित वक्तव्य 3 प्रतियों में प्रस्तुत करें। इसकी एक प्रति शिकायतकर्ता पत्रकार पंकज कुमार को भी भेजनी होगी। निर्धारित समय में जवाब न देने की स्थिति में यह मामला परिषद की जांच समिति के समक्ष पेश किया जायेगा और उचित आदेश पारित किया जायेगा। वहीं परिषद द्वारा की गयी इस कार्यवाही से पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह कदम प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। महाराजगंज क्षेत्र में इस नोटिस के बाद पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।

