टीजीटी परीक्षा पर प्रशासन की कड़ी नजर, नकल माफियाओं को डीएम की दो टूक चेतावनी
जौनपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित होने वाली प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की महत्वपूर्ण प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए अधिकारियों को आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, परीक्षा संचालन की प्रक्रिया तथा के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने बताया कि जनपद के 20 परीक्षा केंद्रों पर 3 एवं 4 जून 2026 को दो पालियों में टीजीटी परीक्षा आयोजित होगी। इसके लिए सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। सभी अधिकारियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और परीक्षा अवधि के दौरान सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं भी नकल, अनुचित साधनों के प्रयोग अथवा किसी प्रकार की अवांछित गतिविधि की सूचना मिलती है तो तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक सहित परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन की तैयारियों को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार टीजीटी परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, नकलमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार कर ली है।

