भारत को खाद्यान्न निर्यातक बनाने में किसानों की अहम भूमिका : सीमा द्विवेदी
https://www.shirazehind.com/2026/06/blog-post_208.html
जौनपुर। राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि देश के किसानों की मेहनत और समर्पण के कारण ही आज भारत खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के साथ निर्यातक देश के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से बचने का आह्वान किया।
वह शुक्रवार को बक्शा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि विभाग द्वारा आयोजित जनपद स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादन की होड़ में डीएपी और यूरिया जैसे रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग भूमि की उर्वरा शक्ति को प्रभावित कर रहा है। किसानों को धरती माता के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए।
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्राकृतिक खेती और मोटे अनाजों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने से किसानों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ लोगों को पौष्टिक आहार भी उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। आज कृषि क्षेत्र को योजनाओं और बजट में प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे किसान सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहा है।
उप कृषि निदेशक अश्वनी सिंह ने कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यापक सहायता उपलब्ध करा रही है। कार्यशाला में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती एवं मोटे अनाजों की खेती के संबंध में तकनीकी जानकारी दी।
इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को बाजरा, सांवा और रागी के बीज निःशुल्क वितरित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने तथा संचालन पीडी आत्मा डॉ. रमेश चंद्र यादव ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


किसान के गेहूं का कोई खरीदार नहीं है बेचारे औने पौने दाम पर बेचने पर मजबूर हैं
जवाब देंहटाएं