जन्मशती पर याद किए गए पं. हृदय नारायण चतुर्वेदी, विचार गोष्ठी के बाद हुआ सुंदरकाण्ड पाठ
मुख्य अतिथि डॉ. वंदना दुबे ने कहा कि पंडित हृदय नारायण चतुर्वेदी परिवार और समाज को साथ लेकर चलने वाले आदर्श शिक्षक थे। उन्होंने पूर्वजों के सम्मान और संयुक्त परिवार की परंपरा को बनाए रखने पर बल दिया।
अध्यक्षता कर रहे पूर्व जनपद न्यायाधीश अजय कुमार ने कहा कि चतुर्वेदी न केवल कुशल शिक्षक थे, बल्कि रंगमंच और नाट्य गतिविधियों के भी प्रमुख संचालक रहे। उन्होंने उनके साथ जुड़े संस्मरण साझा करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दुबे, बनवासी कल्याण के संयोजक माणिक चंद सेठ, भरत मिलाप समिति के अध्यक्ष उमेश चंद गुप्ता, देव दीपावली समिति के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता तथा धनुषयज्ञ समिति के अध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव ने उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान को याद किया। कवि अनिल उपाध्याय ने काव्यांजलि प्रस्तुत की, जबकि सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी शकील अहमद ने उनके साथ अपने आत्मीय संबंधों को साझा किया।
कार्यक्रम संयोजक यादवेंद्र चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए स्वर्गीय चतुर्वेदी के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। विजय चतुर्वेदी ने भी अपने संस्मरण साझा किए। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. राम सूरत मौर्य सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संचालन मिलन चतुर्वेदी एवं धन्यवाद ज्ञापन मधुकर चतुर्वेदी ने किया।
विचार गोष्ठी के बाद हरदीपुर की कीर्तन मंडली ने अश्विनी शुक्ला के नेतृत्व में तथा पुरानी बाजार रामायण समिति के सहयोग से सुंदरकाण्ड का सामूहिक पाठ किया। अंत में श्रद्धालुओं ने भोग-प्रसाद ग्रहण कर कार्यक्रम का समापन किया।

