पैसे लेकर टिकट देने वाले दलों के खिलाफ स्वराज वाहिनी एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदेश अध्यक्ष बोले— कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
जौनपुर। विधानसभा चुनाव में कथित रूप से पैसे लेकर टिकट देने के मामलों को लेकर स्वराज वाहिनी एसोसिएशन ने राजनीतिक दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषी राजनीतिक दलों और पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा सोमवार को नगर एक होटल आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित वीडियो और ऑडियो में विभिन्न क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों द्वारा टिकट के बदले करोड़ों रुपये लेने-देने की बातें सामने आई हैं। यदि इनकी सत्यता साबित होती है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था, निष्पक्ष चुनाव और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की भावना के विपरीत है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग की कि वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाए, इसमें शामिल सभी व्यक्तियों और राजनीतिक दलों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाने हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
संतोष कुमार मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्वाचन आयोग ने इस गंभीर मामले पर समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो स्वराज वाहिनी एसोसिएशन न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा, "हम लोकतंत्र को धनबल के प्रभाव से बचाने के लिए उच्च न्यायालय और आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाना नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है, ताकि योग्य और ईमानदार उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

