मामा के घर शादी में जाना बना मौ*त की वजह, प्रेमी गिरफ्तार
सोंगर ह*त्याकांड का चार दिन में खुलासा, शादी में जाने से नाराज होकर लाठी से की थी हत्या
खेतासराय (जौनपुर)। सोंगर गांव में विवाहिता राशिदा की ह*त्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने चार दिन के भीतर खुलासा करते हुए उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मामा के घर आयोजित शादी समारोह में जाने को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपी ने लाठी से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।पुलिस के मुताबिक, 13 जुलाई को सोंगर गांव के बाहर बांस की कोठ के पास राशिदा पुत्री मकरुल्लाह का श*व क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। श*व का एक हाथ और पंजा गायब था तथा सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमें गठित कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि राशिदा का गांव निवासी क्यूंम उर्फ कयामुद्दीन पुत्र मोहम्मद मतीन से प्रेम संबंध था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने राशिदा को उसके मामा के घर शादी समारोह में जाने से मना किया था, लेकिन वह इसके बावजूद शादी में चली गई। इसी बात को लेकर वह नाराज था।
पुलिस के अनुसार घटना वाली रात आरोपी ने राशिदा को बातचीत के बहाने गांव के बाहर बसवारी के पास बुलाया। वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने लाठी से सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया।
डीएसपी शाहगंज गिरेंद्र सिंह ने बताया कि सर्विलांस सेल से मिले इनपुट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर पर लगी गंभीर चोट को ही मौत का कारण बताया गया। इसके बाद खेतासराय पुलिस ने मानीकला हॉल्ट के पास से आरोपी को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह क्षेत्र छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस के अनुसार राशिदा की शादी करीब दो वर्ष पहले अपने रिश्ते में मौसी के बेटे से हुई थी। वैवाहिक जीवन में अनबन के चलते वह कुछ समय से मायके में रह रही थी। आठ जुलाई को वह मामा के घर आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गई थी, जिसके बाद लापता हो गई। परिजनों की सूचना पर पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। 13 जुलाई को उसका शव गांव के बाहर बरामद हुआ। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह, हेड कांस्टेबल जितेंद्र यादव तथा कांस्टेबल सोनू गौड़ और उत्तम सिंह शामिल रहे।

