UPSC की तैयारी करने वाला छात्र और होमगार्ड जवान निकला फर्जी इनकम टैक्स अफसर, सर्राफा व्यापारी को लूटने पहुंचे थे पांच बदमाश
पढ़ाई और वर्दी की आड़ में अपराध, पब्लिक की सतर्कता से ध्वस्त हुआ 'फर्जी आयकर टीम' का पूरा खेल
जौनपुर । जिले के सर्राफा व्यवसायी को फर्जी आयकर अधिकारी बनकर लूटने पहुंचे गिरोह का ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने पूरे जिले को हैरत में डाल दिया है। इस गिरोह में शामिल एक आरोपी यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, जबकि दूसरा सिकरारा थाने में तैनात होमगार्ड निकला। शिक्षा और वर्दी से जुड़ी इन पहचान के पीछे छिपे अपराध ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।एडिशनल एसपी (ग्रामीण) आतिश कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि 19 जुलाई की शाम करीब 4:30 बजे पांच लोग खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर गोपालापुर स्थित सर्राफा व्यवसायी दिनेश चंद्र बरनवाल की दुकान पर पहुंचे। जांच का हवाला देते हुए उन्होंने दुकान में रखा सोना-चांदी अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। विरोध करने पर मारपीट की और व्यवसायी की लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर भागने की कोशिश की।
लेकिन बदमाशों का पूरा खेल उस समय पलट गया, जब व्यवसायी के शोर मचाने पर स्थानीय लोगों ने अद्भुत साहस दिखाते हुए चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। सूचना मिलते ही रामपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई और चार आरोपियों को धर दबोचा, जबकि उनका एक साथी मौके से फरार हो गया।
पूछताछ और जांच में पुलिस को ऐसे तथ्य मिले, जिन्होंने सभी को चौंका दिया। गिरफ्तार रोशन तिवारी उर्फ चाहत तिवारी जलालपुर थाना क्षेत्र के महरेव गांव का निवासी है और यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। वहीं राजेश कुमार उपाध्याय सिकरारा थाना क्षेत्र के रामनगर का निवासी है और सिकरारा थाने में होमगार्ड के पद पर तैनात था। दोनों का इस वारदात में शामिल होना जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी आयकर विभाग के आई-कार्ड, कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, तथा नंबर प्लेट बदलकर इस्तेमाल की जा रही बोलेरो बरामद की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लेकर बड़ी वारदातों को अंजाम देने की तैयारी में था।
यह घटना सिर्फ एक लूट के प्रयास का मामला नहीं है, बल्कि यह बताती है कि अपराधी अब सरकारी एजेंसियों की पहचान का फर्जी इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रहे हैं। राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी वारदात टल गई। वहीं, UPSC अभ्यर्थी और एक होमगार्ड का इस गिरोह में शामिल होना पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू बनकर सामने आया है।

