डीआईओएस कार्यालय पर 10 अगस्त को गरजेंगे शिक्षक, भ्रष्टाचार के आरोपों पर आर-पार की लड़ाई
प्रमोशन पत्रावली दबाने से लेकर वेतन रोकने तक के आरोप, शिक्षकों ने दी बड़े धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
जौनपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की कार्यप्रणाली और शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई), जौनपुर ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने 10 अगस्त 2026 को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन का आरोप है कि शिक्षकों की समस्याओं का समय से निस्तारण करने के बजाय उन्हें कार्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं और भ्रष्टाचार का बोलबाला है।संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रमोशन और वेतनमान का मामला प्रमुख मुद्दों में शामिल है। प्रदेश संरक्षक रमेश सिंह ने बताया कि शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर 18 जुलाई को औपचारिक बैठक हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद पदोन्नति संबंधी पत्रावलियां अब तक लंबित पड़ी हैं। इससे शिक्षकों में भारी आक्रोश है।
वहीं, वर्ष 2000 के बाद तदर्थ रूप से नियुक्त मानदेय शिक्षकों के वेतन का मामला भी गरमाया हुआ है। संगठन का आरोप है कि संबंधित शिक्षकों का 20 मई से 30 मई 2026 तक का वेतन रोका गया है, जिससे शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
संगठन ने एनपीएस से ओपीएस में शामिल किए गए शिक्षकों की एनपीएस धनराशि अब तक जीपीएफ खाते में स्थानांतरित न किए जाने का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का कहना है कि यह मामला काफी समय से कार्यालय में लंबित है, लेकिन समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
शिक्षक नेताओं ने लेखाधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि शिक्षकों से बेवजह कागजात मंगाकर उन्हें परेशान किया जाता है और समस्याओं के समाधान के नाम पर धनउगाही की जाती है। हालांकि, ये सभी आरोप शिक्षक संगठन की ओर से लगाए गए हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि जिले के शिक्षकों में कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि शिक्षकों का शोषण और उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष तेरस यादव ने कहा कि यदि कार्यालय ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। कार्यकारी अध्यक्ष अतुल कुमार सिंह, जिला मंत्री ठाकुर प्रसाद तिवारी समेत संगठन के पदाधिकारियों ने जिले के शिक्षकों से अपील की है कि वे 10 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में डीआईओएस कार्यालय पहुंचकर धरने में शामिल हों।
शिक्षक संगठन के इस ऐलान के बाद 10 अगस्त को डीआईओएस कार्यालय पर होने वाला धरना प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए भी बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है। संगठन ने साफ कर दिया है कि लंबित समस्याओं के समाधान तक आंदोलन जारी रखने से पीछे नहीं हटेगा।

